विवादों में रहे सिंगूर जमीन अधिग्रहण मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. अदालत ने तत्कालीन लेफ्ट सरकार के ज़मीन अधिग्रहण के फैसले को ग़लत बताया है. कोर्ट ने कहा कि अधिग्रहण का फैसला कानून सम्मत नहीं था.
अदालत ने फैसले को गलत बताया
सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन CPM सरकार के फैसले को ग़लत बताया और कहा कि 997 एकड़ की जिस जगह का अधिग्रहण सरकार ने टाटा के नैनो प्लांट के लिए किया था वो सही नहीं था. सरकार ने अपनी शक्तियों का ग़लत इस्तेमाल कर प्राइवेट पक्ष को फायदा पहुंचाया.
किसानों को जमीन वापस करे सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वो 12 हफ्ते में ज़मीन पर अपना कब्ज़ा लेकर इसे 12 हफ्ते में हक़दार किसानों को ज़मीन वापस करे.
मुआवजा भी वापस नहीं करना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन किसानों ने मुआवजा ले लिया था उन्हें उसे वापिस नहीं करना होगा क्योंकि 10 साल तक उन किसानों को अपनी ज़मीन से महरूम रहना पड़ा और उनकी रोज़ी-रोटी का जरिया छीन लिया गया.
ममता बनर्जी ने किया स्वागत
कोर्ट के इस फैसले का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्वागत किया है. ममता ने कहा कि जिन लोगों ने इस संघर्ष में अपनी जान दी ये फैसला उनको श्रद्धांजलि है. ममता बनर्जी ने इसे किसानों की जीत बताया. ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार कोर्ट के आदेश को लागू करेगी. उन्होंने बताया कि इस बारे में गुरुवार शाम 4 बजे बैठक बुलाई गई है और आगे कैसे कदम उठाया जाना है इसपर चर्चा होगी. 14 सितंबर को इस फैसले की खुशी में सिंगूर में कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा.
गौरतलब है कि सिंगूर में जमीन अधिग्रहण के बाद बड़े पैमाने पर विरोध और हिंसा हुई थी. इसी का फायदा ममता बनर्जी को मिला और उनकी सरकार पश्चिम बंगाल में बनी.