सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में ढिलाई बरते जाने पर मंगलवार को असम सरकार को फटकार लगाई. शीर्ष कोर्ट ने इस बारे में अस्पष्ट और असंतोषजनक हलफनामा पेश करने को लेकर राज्य की गंभीरता पर भी सवाल खड़े किए.
17 दिसंबर, 2014 को न्यायालय के निर्देश पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मामले में उचित कदम न उठाने पर फटकार लगाते हुए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन की पीठ ने सरकार के हलफनामे को अस्पष्ट और पूरी तरह असंतोषजनक करार दिया.
हलफनामे पर नराजगी जताते हुए कोर्ट ने उसे स्वीकार करने से मना कर दिया और राज्य के मुख्य सचिव को 17 दिसंबर, 2014 के न्यायालय के निर्देश के मुताबिक, एक ताजा हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा, जिसमें सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की चर्चा हो.
न्यायालय ने हलफनामा दाखिल करने के लिए मुख्य सचिव को एक हफ्ते का समय देते हुए कहा कि मुकम्मल हलफनामा पेश न करने की स्थिति में उन्हें खुद कोर्ट में उपस्थित होकर कारण बताना होगा.
(इनपुट: IANS)