आजतक के खास कार्यक्रम सीधी बात में बॉलीवुड अभिनेता, राजनेता और सांसद परेश रावल ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि जोश पूरे हिन्दुस्तान में है. पहले कई बार सेना के हौसले को कम करने की कोशिश की गई. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहने का काम किया है. यही पीएम हैं जिन्होंने कई मौकों पर सरहद पर जवानों के साथ समय बिता चुके हैं.
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके समय में टू जी, थ्री जी और डिवाइड एंड रूल की नीति के कारण देश मुश्किल में आया था. साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं फिल्म में मोदी जी का रोल बेहतर कर सकता हूं. 2019 में मोदी के अलावा कोई विकल्प नहीं है. इसी दौरान उन्होंने कहा कि राहुल ने ऐसा कौन सा काम किया है जिसके लिए उन्हें जनता वोट करेगी.
2019 के चुनाव में मोदी सरकार को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है, लेकिन कभी कभी जब आप बड़े फैसले लेते हैं तो लोगों को समझने में देर लगता है लेकिन लोग यह जानते हैं कि मोदी जी के इरादे सही थे. उन्होंने कहा, 'अच्छा ठीक है मोदी को वोट मत दीजिए लेकिन फिर किसे वोट देंगे आप. राहुल गांधी की क्या काबिलियत है, क्या इतिहास है उनका. 1984 के लिए माफी तो छोड़िए, टूजी, थ्रीजी स्कैम के लिए भी माफी नहीं मांगी जिसमें साबित हो चुका है कि इतने पैसे लूटे गए.'
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि परेश रावल ने मोदी को भाषण देने की ट्रेनिंग दी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को मेरी बात समझ में नहीं आई, वो कवि नहीं हैं, मोदी जी कवि आदमी हैं, वो जानते हैं कि किस शब्द पर कितना वजन देना है. वहीं दिग्विजय सिंह जो बातें जानते हैं वो मोदी जी कर नहीं सकते.
पांच साल सांसद रहते हुए मैंने यह सीखा कि अगर आपका नेता आपके साथ हो तो आप कुछ भी कर सकते हो. मोदी जैसा कोई नेता मैंने आज तक किसी नहीं देखा है जिसने यह कहा हो कि मुसलमानों के एक हाथ में कंप्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान होना चाहिए. यह जरूरी था क्योंकि कंप्यूटर से समझ बढ़ेगी फिर सवाल करेंगे. फिर मुसलमान जो भी मौलानाओं के कंट्रोल में हैं, वो सवाल करना शुरू करेंगे उन्हें अपने आप बातें समझ में आने लगेगी.
पांच साल सांसद रहते हुए मैंने यह सीखा कि अगर आपका नेता आपके साथ हो तो आप कुछ भी कर सकते हो. मोदी जैसा कोई नेता मैंने आज तक किसी नहीं देखा है जिसने यह कहा हो कि मुसलमानों के एक हाथ में कंप्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान होना चाहिए. यह जरूरी था क्योंकि कंप्यूटर से समझ बढ़ेगी फिर सवाल करेंगे. फिर मुसलमान जो भी मौलानाओं के कंट्रोल में हैं, वो सवाल करना शुरू करेंगे उन्हें अपने आप बातें समझ में आने लगेगी.
राजनीति में क्यों आए, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के अंदर थोड़ा बहुत राजनीति होती है. मैं इसलिए आया कि देश को विकास के रास्ते पर ले जाने और बच्चों के एक अच्छा माहौल मिले इसके लिए मोदी जी को सपोर्ट कर सकूं और यह मेरा स्वार्थ है, इसिलिए मैं राजनीति में आया हूं.
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हमारे लिए काम कर रही हैं, मुझे खुशी होती है. साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 में पार्टी कहेगी तो दोबारा चुनाव लड़ेंगे. मुझे टिकट मिलेगा तब भी खुशी होगी और नहीं मिलेगा तब भी खुशी होगी, क्योंकि मैं जानता हूं कि मोदी जी के नेतृत्व में काम करना है तो टिकट मिले या न मिले मुझे देश के लिए काम तो करना ही है. मैं मोदी जी के लिए राजनीति में आया हूं किसी पद के लिए नहीं.
परेश रावल ने कहा कि मोदी जी अगर मेरी सीट से लड़ेंगे तो मुझे खुशी होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस देश को एक किया है मोदी जी उसे बिखरने नहीं देंगे.वीजा नीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन देशों ने पीएम मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था वो आज मजबूर हुए हैं. आज वो सब उनका स्वागत कर रहे हैं और अपने यहां बुला रहे हैं. मोदी जी विश्व के नेता के रूप में उभरे हैं.
प्रियंका की एंट्री पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कुछ नहीं कर पाए तो प्रियंका कुछ कर पाएंगी यह मानना सही नहीं होगा. अगर प्रियंका ही ट्रंप कार्ड थीं तो बाकी के पत्ते क्यों उतर रहे थे पहले ट्रंप कार्ड को ही उतारना था. प्रियंका के आने से फर्क नहीं पड़ेगा. क्योंकि किसी के आने से फर्क नहीं पड़ता बल्कि फर्क विचार से पड़ता है.
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, 'इतने साल कुछ नहीं किया और अब कह रहे हैं कि किसानों का कर्जा माफ करेंगे. अरे भाई आपने किसानों के लिए कुछ किया होता तो उन्हें कर्जा लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती बल्कि वो आज कर्जा देने के रोल में होते. हम ये नहीं कहते कि आपने 70 साल में कुछ नहीं किया लेकिन आपने यह क्यों नहीं किया.'
मोदी के 15 लाख वाले बयान पर उन्होंने पीएम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी बात को कहने का अंदाज-ए-बयां होता है. मैं अगर कहूं कि मैंने आपको हजार बार फोन किया इसका मतलब ये तो नहीं कि मैंने आपको हजार बार फोन किया. यह बात करने का एक तरीका है. मोदी जी ने कहा था कि जो काला धन बाहर है अगर वो देश में आया तो सबके खाते में 15-15 लाख आ सकते हैं. यह समझाने की बात थी. मैं कहूं कि सरदार पटेल लौह पुरुष थे तो वो लोहे तो नहीं थे न.'
उन्होंने कहा कि मैं मंत्री बनने के लायक नहीं हूं, क्योंकि मैरे अंदर उतना ज्ञान नहीं है. साथ ही एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं खुद को एक सांसद के तौर पर 10 में से 6-7 नंबर दूंगा. परेश रावल ने कहा कि मोदी जी जितना काम किया बेहतरीन किया, इतना काम तो कोई माई का लाल नहीं कर सकता. जितने एक्टिव रहकर मोदी जी ने गुजरात में काम किया अगर मैं उतना एक्टिव होता तो आज बहुत आगे होता.
उन्होंने कहा कि प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा हाल में ईडी के सामने पेश हुए और पूरे जुलूस के साथ, लेकिन मोदी जी जब एसआईटी के सामने पेश हुए थे तो अकेले गए थे, कोई पार्टी का झंडा और नेता साथ नहीं था. वहीं, जब दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पेश हुए तो पूरा जुलूस लेकर पहुंचे थे ताकि न्यायपालिका को इम्प्रेस किया जा सके, दबाव बनाया जा सके कि देखिए इतने लोग समर्थन में हैं क्योंकि राहुल और सोनिया निर्दोष हैं.
सीबीआई में केंद्र की दखलअंदाजी की बात पर उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी की कोर्ट या कहीं दखलअंदाजी होती तो ये सब 2014-15 में ही जेल के अंदर होते. नहीं तो मोदी जी के समय में इन्होंने तो मिलिट्री को छोड़कर सभी एजेंसियों को लगा दिया था.
पीएम मोदी का रोल करने की बात पर उन्होंने कहा कि रोल तो कोई भी कर सकता है, डायलॉग भी बोला जा सकता है लेकिन उनकी आंखे कहां से लाएंगे, क्योंकि उनकी आंखों में बहुत बात है. मैं जब-जब उनसे मिलता हूं एक नई ऊर्जा लेकर निकलता हूं. मैं मानता हूं कि मैं मोदी भक्त हूं.