पाकिस्तानी लेखक तारिक फतह ने 'आजतक' के खास कार्यक्रम 'सीधी बात' में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की नई सरकार, फौजी नीति और आतंकवाद से जुड़े सवालों पर खुलकर अपने विचार रखे. इस बीच उन्होंने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कतई नहीं बदल सकता है. इमरान खान तो पाकिस्तान को बिल्कुल भी नहीं बदल सकते हैं. इमरान खान के हाथ में कुछ भी नहीं हैं. सेना का उन पर पूरा नियंत्रण हैं. पाकिस्तानी पीएम इमरान की तीसरी बेगम सेना की एजेंट है. इसके जरिए पाकिस्तानी सेना ने प्रधानमंत्री के बेडरूम तक पहुंच बनाई है.
उन्होंने कहा कि जिस खिलाफत के खलीफा मोहम्मद अली जिन्ना हों, जिनको सुअर के गोश्त का शौक हो और व्हिस्की अच्छी लगती हो....जिसने दोस्त की 16 साल की बेटी को भगाया हो....जहां उसको कायदे आजम माना जाता हो, वो पाकिस्तान कैसे बदल सकता है?
इमरान की बीवी को सेना ने किया है प्लांट
इमरान खान पर निशाना साधते हुए तारिक फतह ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया का इस्लामिक स्टेट बनेगा. पाकिस्तान में निष्पक्ष चुनाव कराए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संसदीय चुनाव पहले से ही फिक्स थे और इसके लिए सेना को तैनात किया गया था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फौज का मुल्क है. इमरान खान की तीसरी बीवी सेना की एजेंट है, जिसको सेना ने ही प्लांट किया है. इसके जरिए पाकिस्तानी सेना प्रधानमंत्री के बेड रूम तक पहुंच गई है.
मरियम नवाज सबसे बहादुर लेडी
इस दौरान उन्होंने जेल में बंद नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज की जमकर तारीफ की. तारिक फतह ने कहा कि मरियम आज दुनिया की सबसे बहादुर लेडी है. इससे पहले पाकिस्तान में किसी जमाने में बेनजीर भुट्टो सबसे बहादुर लेडी थी, जिसको मार दिया गया. पाकिस्तान में किस-किसको नहीं मारा गया? पाकिस्तान में ऐसा कानून है कि कोई भी किसी का कत्ल करके रिहा हो सकता है. इसके लिए उसको सिर्फ पैसा देना पड़ता है.
सिद्धू का पाकिस्तान जाना गलत
पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने और वहां के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को तारिक फतह ने गलत कदम बताया. उन्होंने कहा कि सिद्धू को यह तक नहीं पता है कि किसी के ननकाना साहब जाने पर एक सेना प्रमुख का क्या दखल है?
जब उनसे पूछा गया कि क्या सिद्धू को पाकिस्तान जाना चाहिए था, तो उन्होंने कहा कि नहीं....लेकिन अगर गए थे, तो सिद्धू को मरियम नवाज से मुलाकात करनी थी. अगर वो ऐसा करते तो मजा आ जाता. इस दौरान तारिक फतह ने कहा कि इमरान खान के दो बेटों और एक बेटी के शपथग्रहण समारोह में आने पर उनकी तीसरी बुर्कानवाज बेगम ने पाबंदी लगा दी थी. इमरान की इस बीवी ने उनको पैदल हज करवा दिया और आठ लोगों की हत्या करने वाले को पंजाब का सीएम बनवा दिया.
भारत का एजेंट बताया जाना मेरे लिए गर्व की बातः तारिक फतह
खुद को भारत का एजेंट बताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'मैं बलूचिस्तान का एजेंट हूं और सिंध में पैदा हुआ हूं. सिंध के एजेंट को हिंदुस्तान का एजेंट बताया जाना मेरे लिए गर्व की बात है.' उन्होंने कहा कि सिंध हिंद का हिस्सा है. हिंदुस्तान को इसको गले लगाना चाहिए. भारतीय नागरिकता हासिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अगर हिंदुस्तान मुझे नागरिकता दे देता है, तो बहुत बेहतर है, लेकिन अगर नहीं देता है, तो मैं कोई भागा नहीं फिर रहा हूं.'
जब उनसे पूछा गया कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए जा रहा हैं. क्या भारत में ऐसा है, तो उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को एक बार पाकिस्तान भेज दीजिए, तो इनको समझ में आ जाएगा कि यहां पर अभिव्यक्ति की आजादी है या नहीं?
पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की कोशिश करना बेकार
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की कोशिश पर उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी को समझ में आ जाना चाहिए कि पाकिस्तान से रिश्ते नहीं सुधरना चाहिए. इससे पहले लाल बहादुर शास्त्री, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी भी कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा. कारगिल के युद्ध के दौरान जब पाकिस्तानी सेना भाग रही थी, तभी भारत को सख्ती दिखानी चाहिए थी.
इस दौरान उन्होंने कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है और भारत को वहां के प्रतिनिधि नियुक्त करना चाहिए, जो लोकसभा में बोल सकें. तारिक फतह ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक तेजी से लापता हो रहे हैं.
मैं मुल्ला के इस्लाम का विरोधी हूं, अल्ला के इस्लाम का नहीं: तारिक फतह
इस्लाम के खिलाफ होने के सवाल पर तारिक फतह ने कहा, 'मैं अल्ला के इस्लाम को मानता हूं, लेकिन मुल्ला के इस्लाम को नहीं मानता हूं. हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमानों को यहां की संस्कृति को अपनाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. ये इस्लाम की आड़ में अपनी दुकान चला रहे हैं.'
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भी 'सीधी बात' में हिस्सा ले चुके हैं. इस बीच उन्होंने पाकिस्तान से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए थे.