असम के अलग-अलग शहरों में कुल 14 सीरियल धमाके हुए जिसमें 64 लोगों की मौत हो गई. इस धमाके में 282 लोगों के घायल होने की भी सूचना है.
असम के गुवाहाटी, बारपेटा, कोकराझार, बोंगाईगांव और दिसपुर में अलग अलग समय पर कुल 14 बम विस्फोट हुए. इन विस्फोटों में 64 लोगों के मारे जाने और 282 लोगों के घायल होने की सूचना है. इन धमाकों के तुरंत बाद असम की अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील कर दिया गया है. वहीं खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन विस्फोटकों से असम को दहलायाय गया वो पड़ोसी देश से लाए गए थें. इन विस्फोटकों की जांच-पड़ताल करने एनएसजी और फॉरेंसिक टीमें असम भेजी जा रही है.
अकेले गुवाहाटी में ही 60 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. पूरे असम में रेड अलर्ट कर दिया गया है. खबरों के मुताबिक सुबह करीब 11:30 बजे के आसपास यह धमाके हुए. इन धमाकों के बाद राज्य सरकार ने सभी टेलीफोन और मोबाइल नेटवर्क को जाम कर दिया है. असम की सीमा सील कर दी गई है. असम-बांग्लादेश सीमा को भी सील कर दिया गया है. पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री हेमंत शर्मा ने गुवाहाटी में 15 लोगों की मौत की पुष्टि की थी और कहा था कि राज्य में 12 बम धमाके हुए हैं. गुवाहाटी में सबसे पहला धमाका वहां के फैंसी बाजार में हुआ. इसके बाद पान बाजार, पलटन बाजार, डीसी कोर्ट, गणेशगुड़ी और सचिवालय में भी धमाके हुए. यह सभी इलाके शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं. फैंसी बाजार को गुवाहाटी का दिल कहा जाता है. आज भाई दूज का त्यौहार होने की वजह से बाजार में कुछ ज्यादा ही भीड़ थी. शहर में दहशत और अफरातफरी का माहौल है.
{mospagebreak}कोकराझार जिले में हुए तीन धमाकों में 8 लोगों के मरने की पुष्टि की जा चुकी है. शुरूआती जानकारी के अनुसार यह सभी धमाके 45 मिनट के अंदर हुए. कोकराझार में गुरूवार को हाट बाजार लगता है. भाई दूज की वजह से इस बाजार में काफी भीड़ थी. बताया जा रहा है कि धमाकों के लिए कहीं साईकिल तो कहीं मोटरसाईकिल का इस्तेमाल किया गया.
धमाके के बाद राज्य के विभिन्न शहरों में सुरक्षा के मद्देनजर बमों की तलाश की जा रही है. बम तलाशी के दौरान कोकराझार जिले में एक जिंदा बम बरामद किया गया. जिसे निष्क्रिय कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि घायलों में सेना का एक अधिकारी और एक जवान भी शामिल है.
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और लोगों से खौफजदा नहीं होने की अपील की है. हालांकि अभी तक किसी संगठन ने धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है पर शक की सूई उल्फा की तरफ ही जा रही है.