शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने एक और विवादित बयान से हलचल मचा दी है. उन्होंने ताजमहल को शिव का मंदिर बताया है.
शंकराचार्य का कहना है कि ताजमहल की जगह भगवान शिव का मंदिर था. उन्होंने ये भी कहा कि ताजमहल के 7 तहखाने खुलवाए जाएंगे. इसके पहले भी स्वरूपानंद के बयान पर कई बार विवाद हो चुके हैं.
आपको बता दें कि कुछ महीने पहले शंकराचार्य के एक शादी, दो बच्चों के बयान से भी हंगामा मच गया था. उन्होंने कहा था कि एक पत्नी और दो बच्चों वाला कानून देश के सभी धर्मों को मानने वालों पर लागू होना चाहिए.
ज्यादा बच्चे पैदा करने की वकालत करने वालों को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा खत्म होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'देश की आबादी वर्तमान में एक अरब 25 करोड़ है. अगर ऐसे ही प्रतिस्पर्धा होती रही तो लोगों को कहां रखेंगे.'
शंकराचार्य ने की गोमांस प्रतिबंध की मांग
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने गायों की रक्षा करने के लिए एक कानून की मांग की है और इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहल करने के लिए पूछा है. यही नहीं, उन्होंने राष्ट्रव्यापी गोमांस प्रतिबंध की भी मांग की है.
इलाहबाद में एक धार्मिक कार्यक्रम में बुधवार को कहा कि अभी केंद्र में हिंदू समर्थक सरकार है और गायों की रक्षा का कानून बनाने का ये सही समय है. उन्होंने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कण्डेय काटजू के महाराष्ट्र और हरियाणा में गोमांस प्रतिबंध की आलोचना की निंदा की.
शंकराचार्य ने बीजेपी और अन्य हिंदू संगठन की घर वापसी को लेकर आलोचना की और कहा कि वो प्रक्रिया गलत थी.