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प्‍याज के निर्यात पर पाबंदी के खिलाफ कृषि मंत्री शरद पवार

महंगाई से लोगों की हालत खराब है. खाने में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले प्याज के दाम 40 रुपये किलो तक पहुंच गये हैं. लेकिन देश के कृषि मंत्री नहीं चाहते कि प्याज की कीमतों को कम करने के लिए प्याज के निर्यात पर बैन लगा दिया जाये. इसके पीछे तर्क ये कि निर्यात पर पाबंदी लगाने से देश की छवि को नुकसान पहुंचेगा.

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प्‍याज की बढ़ी कीमतें
प्‍याज की बढ़ी कीमतें

महंगाई से लोगों की हालत खराब है. खाने में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले प्याज के दाम 40 रुपये किलो तक पहुंच गये हैं. लेकिन देश के कृषि मंत्री नहीं चाहते कि प्याज की कीमतों को कम करने के लिए प्याज के निर्यात पर बैन लगा दिया जाये. इसके पीछे तर्क ये कि निर्यात पर पाबंदी लगाने से देश की छवि को नुकसान पहुंचेगा.

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शरद पवार का कहना है, 'आज भारत इंटरनेशनल मार्केट में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट सप्लाई करने वाला देश है अगर हम रोक लगाएंगे तो भारत जो कि रिलायबल सप्लायर है उस पर चोट लगेगी. इसलिए हम इसके खिलाफ हैं.'

दरअसल प्याज की कीमतों में बेतहाशा इजाफे को देखते हुए प्याज के निर्यात पर पाबंदी लगाने की खबर सुनने में आ रही थीं लेकिन शरद पवार ने निर्यात पर पाबंदी की बात को पूरी तरह से नकार दिया है. शरद पवार का कहना है कि जिन क्षेत्रों में प्याज का उत्पादन होता है वहां पर बारिश का असर प्याज की पैदावार पर हुआ है और इसी वजह से कीमतें भी बढ़ी हैं लेकिन ये स्थिति ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी.

शरद पवार का कहना है कि ये टेम्पररी सिचुएशन है. मैंने पहले भी कहा कि जहां ज्यादा प्रोडक्शन है वहीं बारिश ज्यादा हो रही है इसका असर एक तो फसल पर हुआ है और लॉजिस्टिक में भी दिक्कत आई है.'

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एपीएमसी और सरकार दोनों की ही तरफ से कहा जा रहा है कि प्याज की कीमतों में जल्दी ही कमी देखने को मिलेगी लेकिन असलियत ये है कि पिछले कई दिनों से देश भर में प्याज की कीमतें नीचे आने का नाम नहीं ले रही.

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