बहुचर्चित शीना बोरा मर्डर केस की गुत्थी धीरे-धीरे सुलझती नजर आ रही है. आरोपियों के बयानों और DNA जांच से हत्याकांड की तस्वीर बहुत हद तक साफ हो सकेगी. हालांकि पुलिस ने इस बारे में अभी कोई ठोस खुलासा नहीं किया है.
मर्डर से इंद्राणी का इनकार
शीना बोरा की मां इंद्राणी मर्डर में अपना हाथ होने से अब तक इनकार कर रही हैं. इंद्राणी ने राहुल और मिखाइल पर हत्या का शक जताया है. इंद्राणी का कहना है कि उसे नहीं पता है कि शीना कहां है.
मेरे पहुंचने से पहले ही हत्या: संजीव
दूसरी ओर संजीव खन्ना ने कहा है कि शीना की हत्या इंद्राणी ने की. संजीव ने कहा कि वे 24 अप्रैल, 2012 मुंबई पहुंचे थे. संजीव का दावा है कि उनके पहुंचने से पहले ही शीना की हत्या को चुकी थी. उन्होंने हत्या के वक्त कार में मौजूद होने से भी इनकार किया है. हालांकि उन्होंने शव को ठिकाने लगाने की बात कबूल ली है.
मुझे दिया गया नशा: मिखाइल
मिखाइल बोरा ने दावा किया है कि इंद्राणी और संजीव खन्ना 24 अप्रैल, 2012 को शीना बोरा से मिले थे और उसे गाड़ी में अपने साथ लेकर गए थे. वह शीना के जीवन की आखिरी यात्रा साबित हुई. उससे कुछ ही देर पहले इंद्राणी ने उसे (मिखाइल को) कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाया था. पुलिस मिखाइल के इस दावे की जांच कर रही है. मिखाइल ने दावा किया है कि उसे इंद्राणी और संजीव ने संपत्ति से जुड़े सौदे पर चर्चा करने के बहाने वर्ली के एक होटल के कमरे में कुछ पेय पदार्थ पिलाया था. उसने आरोप लगाया कि इसके बाद वे शीना से मिलने और उसकी हत्या करने चले गए थे. मिखाइल ने कहा कि वे जब लौटकर आए, तब तक वह वहां से नशे की हालत में ही भाग गया था.
'2012 में दर्ज नहीं हुआ था केस'
शीना केस में रायगढ़ पुलिस ने कहा है शीना का शव 2012 में मिला था, लेकिन तब केस दर्ज नहीं किया गया. पुलिस ने बताया कि तब शव जली हालत में मिला था और उसे जेजे अस्पताल भेज दिया गया था. तब पुलिस को अस्पताल से कोई रिपोर्ट नहीं मिली थी. अब पुलिस ताजा सैंपल और पुराने सैंपल का मिलान करेगी. DNA का मिलान इंद्राणी और मिखाइल से भी किया जाएगा, ताकि शक की कोई गुंजाइश न रह जाए. मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस इंद्राणी और मिखाइल के बाल और खून का सैंपल ले चुकी है. DNA जांच के लिए इसे फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है.
पुलिस की भूमिका शक के घेरे में
2012 में रायगढ़ के एसपी रहे आरडी शिंदे की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ गई है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि शिंदे ने 2012 में गुमनाम शव के मिलने की जांच उस वक्त क्यों नहीं की थी.
महाराष्ट्र पुलिस के प्रमुख संजीव दयाल ने कहा कि अगर यह साबित हुआ कि रायगढ़़ पुलिस के किसी अधिकारी ने शीना बोरा मामले की 2012 में हुई जांच में लीपापोती की है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.