पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली का मुंबई में 9 अक्टूबर को होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. शिवसेना ने पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी का विरोध करते हुए कॉन्सर्ट के आयोजकों को शो रद्द करने चेतावनी दी थी.
गुलाम अली के कार्यक्रम के आयोजकों ने चेतावनी के मद्देनजर बुधवार शाम को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. इसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया.
हालांकि बीजेपी ने इस मसले पर शिवसेना के रुख का समर्थन नहीं किया. बीजेपी ने गुलाम अली को 'शांति का दूत' करार देते हुए कहा है कि ऐसा दूत किसी सीमा में बंधा नहीं होता है.
गुलाम अली का विरोध उचित नहीं: नकवी
गुलाम अली के 9 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले कार्यक्रम के विरोध को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे अनुचित बताया. नकवी ने कहा, ‘यह उचित नहीं है. गुलाम अली शांति के दूत हैं. शांति के ऐसे दूत पर सीमाओं का बंधन नहीं होना चाहिए. जो लोग शांति का संदेश देते हैं, उनके लिए सीमाएं तय नहीं करनी चाहिए.’
कार्यक्रम के वक्त विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
शिवसेना ने धमकी दी थी कि गायक गुलाम अली के कार्यक्रम के समय वह विरोध प्रदर्शन करेगी. शिवसेना का कहना है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद को नियंत्रित करने से इनकार करता है, उसके साथ सांस्कृतिक और खेल संबंध नहीं होने चाहिए.
शिवसेना की फिल्म इकाई ‘चित्रपट सेना’ ने कार्यक्रम के आयोजकों को पत्र लिखकर कहा था कि अगर पाकिस्तानी गायक का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया, तो उसे शिवसेना और ‘देशभक्त जनता’ के गुस्से का सामना करना पड़ेगा.