कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के घर हुए छापेमारी के मुद्दे राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. राज्यसभा में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जहां पर कांग्रेस के विधायक छुपे हैं, वहां पर कुछ नहीं हुआ है. सिर्फ एक मंत्री के घर पर छापा पड़ा है, रिजॉर्ट पर छापा नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ वहां पर छापे नहीं पड़े हैं, बल्कि 39 जगहों पर छापे पड़े हैं.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि इस छापे की टाइमिंग और जगह पर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि ये कोई संजोग नहीं है ये कि इस तरह के छापे पड़े. वहीं कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पहले सिर्फ गुजरात में डर का माहौल था, अब वह माहौल दक्षिण के राज्यों में भी दिख रहा है.
उन्होंने कहा कि ये छापेमारी आज ही क्यों हुई, ये एक बड़ा सवाल है. गुलाम नबी ने कहा कि बीजेपी विधायकों को 15 करोड़ रुपये बांट रही है, उनपर रेड होनी चाहिए. इसके द्वारा राज्यसभा के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है. चुनाव आयोग को सही चुनाव करवाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
लोकसभा में भी हंगामा
कर्नाटक में इनकम टैक्स की रेड को लेकर कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा से वॉक आउट किया. कांग्रेस नेता मल्लिकर्जुन खड़गे ने कहा कि भारत सरकार बदले की कार्रवाई के तहत गुजरात में राज्य सभा चुनाव जीतने के लिए ऐसा कर रही है. वहीं इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कर्नाटक में इनकम टैक्स की रेड का गुजरात में राज्य सभा चुनाव से कोई लेना देना नहीं है, कई जगहों पर ये रेड चल रही है.
खड़गे बोले कि हम वित्तमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, ये राजनीति द्वेष के कारण किया जा रहा है. सरकार कांग्रेस के एक नेता को चुनाव में हराना चाहती है, इसके बाद कांग्रेस के सांसद वेल में आ गए और फिर उन्होंने शोरगुल के बीच लोकसभा से वॉक आउट कर दिया.
इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री अंनत कुमार ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोल रही है. इनके गुजरात के विधायक कर्नाटक के रिजॉर्ट में मौज मस्ती कर रहे हैं. कार्यमंत्री अंनत कुमार ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए.
मंगलवार को भी हुआ था हंगामा
मंगलवार को भी कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव और विधायकों की खरीदफरोख्त का आरोप लगाया और राज्यसभा में ये मुद्दा उठाने की कोशिश की. 12 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस के सदस्यों ने राज्यसभा के चुनाव में NOTA के विकल्प को लेकर विरोध जताया. फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
उठा था LPG सब्सिडी का मुद्दा
एलपीजी सब्सिडी खत्म कर हर महीने इसकी कीमतों में इजाफा करने के मोदी सरकार के फैसले पर मंगलवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा. हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि 2010 में एक मंत्रिसमूह बनी थी जिसके अध्यक्ष प्रणब मुखर्जी थे. इस समिति में शरद पवार, ममता बनर्जी, मुरली देवड़ा, जैसे लोग थे. इस समिति ने फैसला किया था कि धीरे-धीरे गैस की सब्सिडी कम की जाएगी और उनके दाम बढाए जाएंगे. पहले देश में 14 करोड़ सिलेंडर थे बढ़कर 22 करोड़ हो गए हैं. अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज तय होती हैं. उज्ज्वला योजना में हम सब्सिडी लगातार दे रहे हैं. सब्सिडी गरीबों के लिए है ना कि अमीरों के लिए.