भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से तारीफ मिलने के बाद सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि आडवाणी ने बीजेपी के सभी मंत्रियों की तारीफ की.
शिवराज ने कहा, 'आडवाणी ने मोदी और रमन सिंह की भी तारीफ की, मैं तो तीसरे नंबर पर था. नरेंद्र मोदी और रमन सिंह मुझसे सीनियर हैं. ' वहीं, बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कहना है कि लालकृष्ण आडवाणी के बयान को गलत समझा गया.
जब आडवाणी ने की शिवराज सिंह चौहान की तारीफ
गौरतलब है कि आडवाणी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से तुलना करते हुए दोनों को अहंकार से परे बताया, जबकि उन्होंने विकास के लिये शिवराज की तुलना गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से की. इशारों ही इशारों में शिवराज सिंह चौहान को मोदी से बेहतर भी बता डाला.
आडवाणी ने कहा था कि गुजरात पहले से ही ‘स्वस्थ’ राज्य है और मोदी ने इसे ‘शानदार’ राज्य में बदल दिया लेकिन चौहान और छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री रमन सिंह बीमारू राज्यों को विकसित राज्य में बदलने में सफल रहे.
आडवाणी ने कहा था, ‘मैं नरेंद्रभाई मोदी से कहता हूं कि गुजरात पहले भी स्वस्थ था. आपने इसे शानदार बनाया है और आप इसके लिए बधाई के पात्र हैं. लेकिन चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जो किया वह अदभुत है.’
विपक्षियों और अपनों ने भी साधा निशाना
आडवाणी के इस बयान के बाद कांग्रेस ने बीजेपी की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि पीएम पद की उम्मीदवारी के मुद्दे पर विपक्षी दल में ‘गृहयुद्ध’ छिड़ा हुआ है. वहीं, एनडीए के अहम घटक दल जनता दल यूनाइटेड की मानों बांछे खिल गईं. जेडीयू खुलेआम आडवाणी के सुर में सुर मिलाकर मोदी पर निशाना साधने में जुट गई. बयान का सहारा लेकर जेडीयू ने मोदी की पीएम उम्मीदवारी के दावे को भी खारिज कर दिया.