महाराष्ट्र और गुजरात के बाद अब बारिश और बाढ़ की चपेट में कर्नाटक आ गया है. राज्य के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने बाढ़ से प्रभावित जिलों के डीसी के साथ रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और नुकसान को कम करने के लिए राहत के उपाय के बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री ने बी.एस. येदियुरप्पा बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए सोमवार को उत्तरी कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करेंगे.
Karnataka: Chief Minister BS Yediyurappa will conduct an aerial survey of flood affected areas in the state, tomorrow (5th August). pic.twitter.com/xDudF1FJ4r
— ANI (@ANI) August 4, 2019
इससे पहले पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था 'बीएस येदियुरप्पा ने शपथग्रहण में बड़ी जल्दबाजी दिखाई. बाढ़ और अकाल से लोग असहाय हैं, प्रशासन ने काम करना बंद कर दिया है, ये लोकतंत्र है या तानाशाही.' बता दें कि कर्नाटक के कुछ इलाकों में मॉनसून सक्रिय है तो कुछ इलाके सूखा झेल रहे हैं. सिद्धारमैया ने कहा था कि इस मौके पर जब कृषि मंत्रालय, राजस्व मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय के मंत्रियों को सबसे ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था वे कहीं दिख भी नहीं रहे हैं.
इधर, मुंबई-गुजरात में भी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है. दोनों राज्यों में सेना ने बचाव कार्य के लिए मोर्चा संभाल लिया है. गुजरात के नवसारी में चारों ओर पानी ही पानी है तो वडोदरा में अब तक हालात नहीं सुधरे हैं. नवसारी जिले के मेंधर गांव में फंसे 31 लोगों को बचाने में सेना जुटी हुई है. वहीं, मुंबई में खडवली के नंदखुरी गांव में 31 लोग फंसे हुए हैं. उन्हें बचाने के लिए वायुसेना ने हेलीकॉप्टर एमआई-17 तैनात किया है. 24 घंटे में त्र्यंबकेश्वर में 350 मिमी. बारिश हुई है. रामघाट का पानी अब आसपास के गांव में पहुंच गया है. इससे 40 गांवों से संपर्क टूट गया है. त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में भी पानी भर गया है.