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Sukhwinder Sukhu: पांच बार विधायक, वीरभद्र परिवार से मतभेद... जानिए कौन हैं हिमाचल के नए CM सुखविंदर सुक्खू

हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस ने अपना सीएम ढूंढ लिया है. इस पद के लिए कई नेता दावा कर रहे थे, इनमें प्रतिभा सिंह और सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा था. हालांकि, शनिवार शाम हाईकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मुहर लगा दी है.

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सुखविंदर सिंह सुक्खू पांचवीं बार जीते चुनाव (फाइल फोटो)
सुखविंदर सिंह सुक्खू पांचवीं बार जीते चुनाव (फाइल फोटो)

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. पार्टी ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को नया सीएम बनाए जाने का फैसला लिया है. इसके साथ ही मुकेश अग्निहोत्री डिप्टी सीएम होंगे. रविवार (11 दिसंबर) को दोपहर 1:30 बजे रिज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा. हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रचंड जीत हासिल हुई है. यहां 68 में से 40 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है. उसके बाद कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री का नाम तय करने की कवायद में जुटा था. हालांकि सीएम पद के कई दावेदार होने के कारण दुविधा की स्थिति बनती दिख रही थी. कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह, मुकेश अग्निहोत्री और चंदन कुमार के नाम इस रेस में आगे थे, लेकिन इस पद के लिए प्रतिभा सिंह और सुखविंदर सिंह में कड़ा मुकाबला माना जा रहा था. 

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रोचक बात यह भी है कि सुक्खू और प्रतिभा सिंह के परिवार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत भी है. ये पिछले 9 सालों से चलती आ रही है. साल 2013 में कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, तब से दोनों खेमे राजनीति में अंदरखाने आमने-सामने देखे जाते रहे हैं. सुक्खू ने पीसीसी चीफ बनते ही वीरभद्र सिंह कैंप के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया था. इस बात से वीरभद्र काफी नाराज भी हो गए थे.

58 वर्षीय सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस कैंपेन कमेटी के प्रमुख हैं. वह हिमाचल में रिकॉर्ड 5वीं बार विधायक चुने गए हैं. इस बार उन्होंने बीजेपी के विजय अग्निहोत्री को 3363 मतों के अंतर से हराया है. 26 मार्च 1964 को जन्मे सुखविंदर सिंह की पत्नी का नाम कमलेश ठाकुर है. उनकी दो बेटियां हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पीजी और एलएलबी की पढ़ाई की है. सुक्खू ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में तब की थी जब वह सरकारी कॉलेज संजौली, शिमला में छात्र थे.

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वे कॉलेज छात्र संघ के महासचिव और अध्यक्ष रहे. वह 1989 से 1995 के बीच NSUI के अध्यक्ष रहे. 1999 से 2008 के बीच वे युवा कांग्रेस के प्रमुख भी रहे. सुक्खू दो बार शिमला नगर निगम पार्षद भी चुने गए थे. वह 2013 में हिमाचल कांग्रेस के प्रमुख के पद तक पहुंचे और 2019 तक राज्य इकाई के प्रमुख बने रहे. 2003, 2007 और 2017 में नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे. सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रतिभा सिंह की उम्मीदवारी के खिलाफ हैं, क्योंकि वह विधायक नहीं हैं.

तीनों निर्दलीय विधायकों का कांग्रेस को समर्थन

इलेक्शन कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आजतक को बताया कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और जो फैसला पार्टी आलाकमान करेगा, वह उसके साथ हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी को तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन है. उन्होंने दावा किया कि बहुत जल्द बीजेपी हिमाचल में दो फाड़ हो जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में कांग्रेस में कोई गुट नहीं है और सभी ने मजबूती के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए काम किया है.

मैं सीएम बनने की रेस में नहीं: सुक्खू

कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम भले ही सीएम पद के लिए चल रहा हो लेकिन पिछले दिनों उन्होंने एक बयान जारी कर खुद को सीएम पद के रेस में न होने का दावा किया है. उन्होंने कहा, "वो सीएम बनने की रेस में नहीं हैं. कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसला लेगी, वो उन्हें स्वीकार होगा." वहीं कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उन्होंने कहा था कि कांग्रेस हाईकमान के साथ पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, जो प्रस्ताव पारित हुआ है उसमें कहा गया है कि हाईकमान जो भी फैसला करेगा, पार्टी उसे मानेगी. उनका कोई अलग खेमा नहीं है, कांग्रेस पार्टी ही उनका खेमा है.

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