लोकसभा में कई दिनों से हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्यों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इन सदस्यों के नाम नोट करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने सदस्यों को नियमानुसार आचरण करने की नसीहत दी.
विपक्षी सांसदों का प्रस्ताव किया नामंजूर
अध्यक्ष ने कुछ विपक्षी सदस्यों के कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस को अस्वीकार कर दिया. उन्होंने इस मामले को शून्यकाल में उठाने को कहा. हालांकि, सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे अरूणाचल प्रदेश के मुद्दे पर कुछ बोलना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने सख्ती से उन्हें शून्यकाल में अपनी बात रखने को कहा.
सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन में नियमानुसार ही कार्यवाही चलेगी, अदालत ने कुछ कहा, उसका यहां क्या मतलब? उन्होंने कहा, 'कुछ लोग यहां हैं जिन्होंने सालों तक शासन चलाया, सालों तक सदन संचालन का अनुभव है. सदन नियमों के अनुसार ही चलता है. अनुभवी लोगों ने इन नियमों को बनाया है. कुछ लोग आसन के पास आकर नारेबाजी करते हैं, सदन का संचालन उन नारों के आधार पर नहीं होता है.'
प्रश्नकाल में भी हुआ हंगामा
प्रश्नकाल में स्वास्थ्य मंत्रालय संबंधी प्रश्न उत्तर चल रहे थे और उसी संदर्भ में हंगामा कर रहे सदस्यों से सुमित्रा महाजन ने कहा, 'आप पूरे सदन का स्वास्थ्य खराब कर रहे हैं।' अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि नियमानुसार कोई विषय लाएं तभी मौका दिया जा सकता है. कल भी मैंने यह बात कही थी. मैं किसी को मना नहीं करती हूं.'
अध्यक्ष ने नोट करवाए सांसदों के नाम
हालांकि कांग्रेस सदस्य इसके बावजूद नहीं रुके और आसन के पास आकर नारेबाजी करते रहे. इस दौरान प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही. कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी और शोर शराबे से एक बार तो अध्यक्ष इतनी नाराज हो गईं कि उन्होंने अधिकारियों से हंगामा कर रहे सदस्यों के नाम नोट करने को कहा.
पीएम के खिलाफ नारेबाजी
सदन में कांग्रेस सदस्यों ने आसन के पास आकर 'प्रधानमंत्री होश में आओ', 'कारपोरेट राज नहीं चलेगा, अरूणाचल का अपमान नहीं चलेगा’ के नारे लगाए. सदन में हालांकि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद नहीं थे.