सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई का आखिरी फेज़ चल रहा है. सोमवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने अपनी दलीलें रखीं और हिंदू पक्ष पर तीखा हमला बोला. अदालत में राजीव धवन ने कहा कि सिर्फ श्रद्धा और स्कन्द पुराण की बात करने से अयोध्या की विवादित ज़मीन पर हक नहीं मिलता है.
सोमवार को जब सुप्रीम कोर्ट में 38वें दिन की सुनवाई शुरू हुई तो मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने अपनी दलीलें आगे बढ़ाईं. राजीव धवन ने अदालत में कहा कि अगर कोर्ट मोल्डिंग ऑफ रिलीफ के तहत किसी एक पक्ष को मालिकाना हक देकर दूसरे को विकल्प देती है तो मुस्लिम पक्षकारों का ही दावा जमीन पर बनता है.
राजीव धवन ने कहा कि 3 पहलू टाइटल के सवाल पर बंटवारा ही गलत था, इस्लामिक कानून और कुरान बहुत पेचीदा है. हिन्दू पक्षकार इसके एक पक्ष के आधार पर हमारी वक्फ की गई मस्जिद को खारिज नहीं कर सकते हैं, दूसरा लिमिटेशन और तीसरा एडवर्स पजेशन को लेकर है.
...जब राजीव धवन ने किया सवाल!
मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने कहा कि मैं यहां पर किसी श्रद्धा की बात नहीं करूंगा, सिर्फ तर्क को आगे बढ़ाऊंगा. इस दौरान उन्होंने अदालत में कहा कि आप लगातार मुझ से (मुस्लिम पक्ष) से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन उनसे (हिंदू पक्ष) कोई सवाल नहीं पूछ रहे हैं. हालांकि, इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आपत्ति नहीं जताई.
आज खत्म होगीं दलीलें?
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस की सुनवाई खत्म करने के लिए 17 अक्टूबर तक का समय दिया है. 14 अक्टूबर की तारीख को मुस्लिम पक्ष की दलीलें रखने के लिए मुकर्रर किया गया है, तो वहीं बाकी दिन हिंदू पक्ष अपनी दलीलें खत्म करेगा.