तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक गांव में बोरवेल में गिरे दो साल के बच्चे की मौत की जानकारी अधिकारियों ने दी. वहीं, बच्चे की लाश को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया है. बच्चे की लाश निकालने के बाद उसे मनाप्पराई सरकारी अस्पताल ले जाया गया.
Tiruchirappalli: Body 2-year-old Sujith Wilson who fell into a borewell in Nadukattupatti on 25th October is being taken to Government Hospital in Manapparai. #TamilNadu pic.twitter.com/vnLUAxf1Br
— ANI (@ANI) October 28, 2019
अस्पताल से बच्चे की लाश को उसके घर ले जाया गया...
Tiruchirappalli: Body of 2-year-old #SujithWilson who lost his life after he fell into a borewell on October 25 is being taken to his residence in Nadukattupatti following an autopsy. #TamilNadu https://t.co/bQCGGbc44b pic.twitter.com/q1maWKHOdq
— ANI (@ANI) October 29, 2019
वहीं, बच्चे के शव को निकालने से पहले तमिलनाडु सरकार के एक अधिकारी ने बच्चे का शरीर गलने की अवस्था में बताया था. परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव जे. राधाकृष्णन ने कहा कि बच्चे का शरीर अब गलने की अवस्था में है. हमने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ये दुखद है कि जिस बोरवेल में बच्चा गिरा था उससे अब बदबू आने लगी है. साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल खुदाई प्रक्रिया बंद कर दी गई है.
कुछ हिस्से को दोबारा बाहर निकाला गया: टीएमJ. Radhakrishnan,Principal Secretary,Transport Dept: The 2-year-old boy's body is now in decomposed state. We tried our best to rescue him but unfortunately foul smell has started coming from the borewell in which the child had fallen. As of now,digging process has been stopped. https://t.co/kuEgslufOV pic.twitter.com/daNnmVfPBQ
— ANI (@ANI) October 28, 2019
इस बचाव अभियान के एनडीआरएफ कमांडर जितेश टीएम ने कहा कि बच्चों को निकालने में देरी खराब मौसम और भूगर्भीय स्थिति की वजह से हुई. उन्होंने बताया कि बच्चे की बॉडी गली-सड़ी अवस्था में है. उन्होंने बताया कि बॉडी इतनी बुरी तरह गल गई थी कि कुछ हिस्से को दोबारा निकाला गया.
विशेषज्ञों से भी मिले सुझाव: टीएम
उन्होंने बताया, 'सभी वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री यहां डेरा डाले हुए थे. हमें ओएनजीसी अधिकारी और एलएंडटी अधिकारियों से भी सुझाव मिले थे, जो गहरे कुएं खोदने में विशेषज्ञ हैं.'
बता दें कि बच्चा शुक्रवार की शाम को बोरवेल में गिरा था. बच्चा गिरने के बाद 30 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था. इसके बाद रात में वो और नीचे सरकते हुए लगभग 100 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था. तमिलनाडु के बच्चे को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) का बचाव अभियान लगातार चार दिन से जारी था.