तमिलनाडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता की शुरुआत हो चुकी है. प्रतियोगिता के पहले ही दिन मदुरै में 55 प्रतिभागी घायल हो गए जिनमें से 10 को गंभीर चोट आई है. गंभीर रूप से घायल 10 को वानियापुरम के अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद मदुरै के लिए रेफर कर दिया गया.
सभी घायलों का उपचार चल रहा है. उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है. गौरतलब है कि मदुरै के वानियापुरम में आयोजित जल्लीकट्टू प्रतियोगिता में 700 से अधिक सांड और इन्हें वश में करने के लिए 730 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था. सभी को मेडिकल परीक्षण के बाद ही मैदान में जाने की अनुमति दी गई.
सांड को काबू करने की कोशिश करता प्रतिभागी (फोटोः Getty)
मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में हुए इस आयोजन में प्रत्येक घंटे 75 लोगों को मैदान में भेजा गया. इस दौरान आयोजन पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे. 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को लॉ एंड ऑर्डर बरकरार रखने के लिए तैनात किया गया था.
आयोजन स्थल पर डॉक्टर और नर्स समेत कुल 30 सदस्यीय मेडिकल टीम के साथ ही एंबुलेंस भी तैनात की गई थी. बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों का एक परंपरागत खेल है जो पोंगल त्योहार पर आयोजित किया जाता है. इस दौरान स्थानीय युवक सांडों को वश में करने की कोशिश करते हैं.