scorecardresearch
 

तमिलनाडु: राजस्व का टोटा लेकिन दे दिया रिटायर्ड नौकरशाहों को आजीवन ‘तोहफा’

22 जुलाई को तमिलनाडु के वर्तमान मुख्य सचिव के. षणमुगम ने राज्य के रिटायर्ड मुख्य सचिवों और रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिवों को आधिकारिक तौर पर एक पत्र लिखा. इस पत्र में बताया गया कि राज्य सरकार ने रिटायर्ड मुख्य सचिवों और रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिवों के लिए प्रति माह 10,000 रुपए काघरेलू सहायता भत्ता देने का फैसला किया है.

Advertisement
X
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी

Advertisement

  • भुगतान तमिलनाडु के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की ओर से किया जाएगा
  • रिटायर्ड टॉप अधिकारियों को औसतन 1.25 लाख महीना पेंशन मिलती है

देश भर में राज्य सरकारें राजस्व की कमी के संकट का सामना कर रही हैं. वहीं कोविड महामारी के नियंत्रण को लेकर होने वाला खर्च आसमान छू रहा है. लेकिन ऐसे हालात के बावजूद तमिलनाडु सरकार खुद को रिटायर्ड टॉप नौकरशाहों (मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक शामिल) को ‘तोहफा’ देने से रोक नहीं पाई है.

22 जुलाई को तमिलनाडु के वर्तमान मुख्य सचिव के. षणमुगम ने राज्य के रिटायर्ड मुख्य सचिवों और रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिवों को आधिकारिक तौर पर एक पत्र लिखा. इस पत्र में बताया गया कि राज्य सरकार ने रिटायर्ड मुख्य सचिवों और रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिवों के लिए प्रति माह 10,000 रुपए का घरेलू सहायता भत्ता देने का फैसला किया है.

Advertisement

इस NMR (नॉमिनल मस्टर रोल) का सीधे शब्दों में ये मायने हैं कि राज्य सरकार जीवनपर्यंत रिटायर्ड टॉप बाबुओं के डॉमेस्टिक हेल्प की मद पर होने वाले सालाना 1.20 लाख रुपए के खर्च को उठाएगी. यह भुगतान तमिलनाडु के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की ओर से उठाया जाएगा.

रिटायर्ड अधिकारियों को मुख्य सचिव का पत्र

image1-1_072720034723.jpeg

image2_072720034730.jpeg

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए रिटायर्ड टॉप अधिकारियों को चेन्नई में पीडब्लूडी के चीफ इंजीनियर को एक पत्र लिखना होगा. जिसमें उस शख्स के आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी जिसे NMR के तहत डॉमेस्टिक हेल्प के तौर पर रखा जाना है. अगर उसे हटाकर किसी ओर शख्स को इस काम के लिए रखा जाता है तो समय रहते उसकी सूचना भी रिटायर्ड अधिकारी को देनी होगी.

रिटायर्ड अधिकारियों से पत्र प्राप्त होने पर पीडब्ल्यू विभाग NMR रजिस्टर में प्रासंगिक प्रविष्टियां करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हर महीने की 5 तारीख से पहले संबंधित खाते में पैसे का भुगतान हो जाए.

रिटायर्ड अधिकारी जो किसी भी सरकारी क्षेत्र में या वैधानिक आयोगों में पुन: रोजगार पर नियुक्त किए जाते हैं, उन्हें यह लाभ मिलता रहेगा. वे उस संगठन से डॉमेस्टिक हेल्प के वेतन का क्लेम कर सकते हैं जिन्होंने उन्हें दोबारा रोजगार दिया है.

Advertisement

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान मुख्य सचिव के. षणमुगम भी शीघ्र ही अपने इस आदेश के लाभार्थी हो जाएंगे. वो तीन महीने के सेवा विस्तार पर हैं. सरकारी आदेश का कहना है कि रिटायर्ड अधिकारियों का भुगतान मद्रास हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीशों के संबंध में की गई व्यवस्था के समान होगा.

तमिलनाडु आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन चेन्नई के पूर्व अध्यक्ष और अन्य रिटायर्ड अधिकारियों की ओर से सरकार से इस सुविधा का आग्रह किया गया था. उन्होंने कर्नाटक सरकार की ओर से दिए गए एक आदेश की प्रति को संलग्न किया था जिसमें वहां के रिटायर्ड मुख्य सचिवों और रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिवों के लिए टेलीफोन भत्ते और चिकित्सा भत्ता के अलावा ‘सर्वेंट अलाउंस’ के तौर 10,500 रुपए महीने का प्रावधान किया गया था.

तमिलनाडु सरकार का आदेश

image3_072720034837.jpeg

image4_072720034843.jpeg

रिटायर्ड टॉप अधिकारियों को औसतन 1.25 लाख रुपए महीना पेंशन मिलती है. गणना आखिरी वेतन के आधार पर की जाती है. राज्य का एक मुख्य सचिव भारत सरकार के सचिव के समकक्ष है और वह 2.5 लाख रुपए प्रति माह वेतन और 17% डीए का हकदार है. इसके अलावा टेलीफोन और प्रतिपूर्ति (रिइंबरसमेंट) जैसे भत्ते और लाभ मिलते हैं.

Advertisement

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

तमिलनाडु सरकार के इस कदम के बाद IPS और IRS जैसी अन्य सेवाओं के अधिकारी भी ऐसी मांग कर सकते हैं. इन सेवाओं के अधिकारियों ने कहा, 'राज्य सरकार अपने अधिकारों के तहत इस तरह के कदम उठा सकती है. लेकिन यहां मुख्य सचिव ने खुद को और अपने पूर्ववर्तियों और उत्तराधिकारियों को मासिक जीवन भर की राशि भेंट की है. यदि उस स्तर से रिटायर होने वाला IAS इसके लिए पात्र है तो अन्य सेवाएं क्यों नहीं.'

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

आजतक/इंडिया टुडे ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसके साथ तमिलनाडु अपने शीर्ष अधिकारियों के लिए इस तरह की सुविधा का विस्तार करने वाला कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य बन गया है. इससे अन्य संवर्गों की ओर से समानता का हवाला देकर इस तरह की मांग किया जाना तय है.

Advertisement
Advertisement