आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद सीएम रमेश को जूस पीला कर शनिवार को अनशन खत्म कराया.
टीडीपी सांसद कडापा में केंद्र सरकार के खिलाफ 11 दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. इस दौरान द्रविड़ मुन्नेड़ कषगम (डीएमके) की सांसद कनिमोझी भी उन से मिलकर उनके अनशन के प्रति अपना समर्थन जता चुकी हैं.
रमेश मांग कर रहे हैं कि आंध्र प्रदेश के कडापा जिले में केंद्र सरकार संयुक्त स्टील प्लांट लगाए. सरकार ने आंध्र प्रदेश रिओर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत इस लगाने का वादा किया था. इस्पात संयंत्र लगाने की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक राचमल्लु शिवप्रसाद रेड्डी ने भी 48 घंटे का अनशन किया था जो कि 21 जून को समाप्त हो गया था.
सांसद रमेश ने कहा, 'आंध्र प्रदेश रिओर्गेनाइजेशन एक्ट से संबंधित बिल राज्यसभा से पारित हो चुका है. मैं राज्यसभा का सदस्य हूं, इसलिए इस संबंध में लोग पूछते रहते हैं. अब बताइए मैं उन्हें क्या जवाब दूं. जब तक इस वादे को पूरा नहीं कर दिया जाता है तब तक मैं लड़ता रहूंगा.'
Andhra Pradesh: TDP MP CM Ramesh breaks his fast after CM Chandrababu Naidu met him in Kadapa. Ramesh was on an indefinite strike for the last 10 days demanding a steel plant in Kadapa as part of AP Reorganisation Act. pic.twitter.com/AtT3StqIUj
— ANI (@ANI) June 30, 2018
वहीं वाईएसआर ने टीडीपी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चार साल तक इस्पात संयंत्र के मुद्दे पर टीडीपी खामोश रही. अब चुनाव नजदीक देख कर डीटीपी स्टील प्लांट का राग अलाप रही है.
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र से मुलाकात करने की मांग कर चुके सीएम रमेश ने पिछले सप्ताह टीडीपी के विधानपरिषद सदस्य मरेड्डी रवींद्रनाथ रेड्डे के साथ भूख हड़ताल की शुरुआत की थी. बताया जा रहा है कि शनिवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रप्रकाश नायडू अनशन पर बैठ सांसद से मुलाकात कर सकते हैं.