कश्मीर घाटी में आतंकी गुटों में युवाओं की भर्ती अभियान चलाने के लिए आतंक के आका लगातार कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इस काम में उनकी मदद कर रही है. खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल घाटी में करीब 325 लोकल और विदेशी आतंकवादी सक्रिय हैं. सबसे ज्यादा आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन के हैं.
जम्मू कश्मीर आतंकवादियों की फैक्ट्री बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक़ घाटी में सक्रिय और मौजूद आतंकियों की ताजा सूची में सिर्फ दक्षिण कश्मीर के ही दो जिले पुलवामा और शोपियां में कई नए आतंकी भर्ती हुए हैं.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक घाटी में जो नए 125 आतंकवादी शामिल हुए हैं, उनमें से पुलवामा में 37 और शोपियां में 29 आतंकी हैं. कुल 66 आतंकवादी इन दोनों इलाकों से आतंकी गुटों में शामिल हुए.
यही नहीं कुलगाम और अनंतनाग से 35 आतंकवादी अलग-अलग आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं. जबकि, बाकी के सात जिलों में 24 युवाओं ने आतंकवाद की राह पकड़ी.
लिस्ट के मुताबिक़ इस साल अब तक 77 विदेशी आतंकी मारे गए हैं, जो इन्ही इलाकों में सक्रिय थे. यानी लगातार पाकिस्तान भी इन्हीं जिलों में आतंकी को भेज रहा है.
बताया जाता है कि इस इलाके में युवाओं को आतंक की राह पर बढ़ाने हिजबुल मुजाहिद्दीन पूरा जोर लगा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर आतंकियों के जनाजे में उमड़ी भीड़ में भी युवाओं का ब्रेनवॉश करने में यह गुट कामयाब होता दिखाई पड़ रहा है.
कश्मीर घाटी में लोकल और विदेशी आतंकियों की संख्या इस समय काफी बढ़ गई है. सूत्रों के मुताबिक घाटी में हिजबुल के सबसे ज्यादा 112 लोकल आतंकी हैं.
इसके बाद लश्कर के 68 और जैश के 17 आतंकी घाटी में मौजूद हैं. ये सारे आतंकी लोकल हैं. वहीं पाकिस्तान से आए हिजबुल के 7, जैश के 23 और लश्कर के 80 आतंकी घाटी में मौजूद हैं.
सूत्र बताते हैं कि लश्कर के सबसे ज्यादा विदेशी आतंकी घाटी में हैं, जो सुरक्षाबलों को निशाने बनाने की फ़िराक में हैं.
सूत्रों के मुताबिक़ जम्मू कश्मीर में लोकल टेरेरिस्ट 215 और विदेशी यानी पाकिस्तानी आतंकी 110 की संख्या में मौजूद हैं. जबकि, कई आतंकियों की पहचान नहीं हो सकी है. सूत्रों के मुताबिक घाटी में आतंकी भर्ती करने के लिए आईएसआई हर मुमकिन तरीकों का इस्तेमाल कर रही है.
हाल ही में खुफिया एजेंसियों ने अलग-अलग आतंकी संगठनों के कुछ ऐसे टेलीग्राम चैनलों की पहचान की है, जिनके जरिए आतंकी आकाओं के साथ मिलकर आईएसआई जिहाद के नाम पर युवाओं को भड़काने वाले ऑडियो-वीडियो डाल रही है.
सूत्रों के मुताबिक अंसार-ए-जैश, एक ऐसा ही टेलीग्राम चैनल है, जिसके जरिये जैश-ए-मोहम्मद घाटी में मौलाना मसूद अजहर के ऑडियो और वीडियो परोसने का काम कर रहा है.
एजेंसियों ने हाल ही में 500 ऐसे ही ऑडियो-वीडियो को ट्रैक किए हैं, जिनमें इस तरीके के संदेश भेजकर युवाओं को रेडिकलआईज करने की कोशिश की जा रही थी.