प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोरक्षक और दलितों को लेकर हाल में आए बयानों को शिवसेना ने फिल्मी डायलॉग जैसा बताया है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि पीएम मोदी को फर्जी गोरक्षकों की लिस्ट सामने लाना चाहिए.
गोरक्षक और दलितों पर दिए प्रधानमंत्री के बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत से खास बातचीत -
सवाल - संजयजी जो यह बयान आया कि 80 परसेंट गौ रक्षक फर्जी हैं. उस बयान को लेकर के वीएचपी नाराज है और साधु संत और कुछ गौरक्षा से जुड़े संगठन कि ऐसे बयान पर माफी मांगी चाहिए?
संजय राउत- जो 80 परसेंट फर्जी गोरक्षक उनके संगठन संस्था हैं. यह फर्जी लोग कौन हैं? उनकी पूरी लिस्ट प्रधानमंत्री को लोगों के सामने लानी चाहिए. यह पहली मांग है. आज तक 2-3 साल में यह फर्जी लोग यह गोरखधंधा कर रहे थे. अब तक सामने क्यों नहीं आया? पीछे कौन लोग हैं? अगर सरकार को बदनाम करने की साजिश है तो वह भी सामने आना चाहिए. इसलिए चाहे फर्जी व्यापारी हो, चाहे गोरक्षक हों. इस देश में फर्जी कुछ नहीं चलेगा.
हमें अभी तक लगता था कि सभी गोरक्षक विश्व हिंदू परिषद के हैं, आरएसएस के हैं. बजरंग दल के हिंदूवादी संगठन के लोग हैं. साधु-संतों के लोग हैं. लेकिन प्रधानमंत्री कहते हैं कि फर्जी लोग हैं तो मुझको यह मुद्दा बहुत ही गंभीर और बड़ा लगता है. हिंदू रक्षक के नाम पर प्रधानमंत्री को फर्जी लगता है तो यह बड़ा मुद्दा है.
सवाल- दो साल के बाद प्रधानमंत्री को लगा, यह सवाल उठा है कि कार्रवाई क्यों नहीं की गई ?
संजय राउत- दो साल में ही क्यों पैदा हो गए? यह सवाल हमने उठाया था कि दो साल में ही यह हजारों लाखों गोरक्षक कैसे पैदा हो गए? इस बारे में जांच होनी चाहिए. अगर यह फर्जी है तो हम नहीं मानते की फर्जी होंगे. उसमें गोरक्षा श्रद्धा का विषय है. उसमें कुछ असामाजिक तत्व घुस गए होंगे. लेकिन जो 80 पर्सेंट की की बात कही है. उस पर बखेड़ा हो सकता है.
सवाल- प्रधानमंत्री ने गोरक्षक ही नहीं दलितों को लेकर भी बयान दिया है कि मुझको गोली मार लो, दलितों पर अत्याचार मत करो. कैसे देखते हैं इस बयान को?
संजय राउत- दलितों के साथ अगर वह कश्मीरी पंडितों का भी नाम जोड़ देते कि कश्मीरी पंडितों को गोली मत मारो. दलितों को गोली मत मारो. तो शिवसेना को बहुत आनंद होता. इस प्रकार के डायलॉग हमने फिल्मी पर्दे पर सुने हैं. प्रधानमंत्री की अपनी भावना है. प्रधानमंत्री के मुंह से गोली मारने की बात अच्छी नहीं लगी है. अब तक लोगों को सलीम-जावेद के डायलॉग में ऐसी बातें अच्छे लगती हैं. प्रधानमंत्री देश की अस्मिता हैं. राष्ट्र की अस्मिता हैं. हमारे हिम्मतवर प्रधानमंत्री को एक्शन की बात करनी चाहिए. गोली मारने से कुछ नहीं होगा. देश को उनके बयान से दुख हुआ है. हम प्रधानमंत्री को पसंद करते हैं. चाहते हैं कि वह 25 साल राज करें.