बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विश्वास के संकट को खत्म करना नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है. केंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही.
उन्होंने कहा, 'आज यह सरकार एक साल पूरा कर रही है. सरकार के काम-काज के आकलन के कई तरीके होते हैं. कोई आंकड़ों से करता है, कोई उलब्धियों से करता है.' उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकारी की खामियां गिनाते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां बताईं.
Today we are WTO member and our demand has also been accepted,we can provide minimum support price to farmers,ex of political will:Amit Shah
— ANI (@ANI_news) May 26, 2015
अमित शाह ने कहा कि मेरी राय में सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने विश्वास के संकट को खत्म कर दिया था. पहले ब्यूरोक्रेसी और कैबिनेट को प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं था. अब यह संकट टल गया है. दुनिया भी आश्चर्य से भारत की प्रगति को देख रही है. सरकार ने नई पहल की हैं और कामयाबियां पाई हैं. उन्होंने कहा कि देश में बिजली का उत्पादन 8.6 फीसदी बढ़ा है. इस दौरान 'आज तक' ने अमित शाह से पूछा कि दाऊद इब्राहिम को भारत कब लाया जाएगा. इस पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'यह सरकार लंबे समय तक रहने वाली है, इंतजार कीजिए'.
अमित शाह से पूछा गया कि कार्यकर्ता और समर्थक राम मंदिर जैसे 'कोर मुद्दों' पर काम चाहते हैं, वह इतना बड़ा जनादेश होने के बाद भी नहीं हो रहा है. इस पर अमित शाह ने कहा, 'अब भी सरकार को इतना बहुमत नहीं मिला है जितना कोर मुद्दों पर काम करने के लिए चाहिए. आपको मालूम होना चाहिए कि सरकार को इसके लिए 370 सीटें चाहिए. संविधान पढ़ लीजिए.'
Amit Shah(BJP core issues):we need 370 seats for implementing all the 'core issues' that you are mentioning in your Q pic.twitter.com/QG9nKMVUw3
— ANI (@ANI_news) May 26, 2015
'सब्सिडी छोड़िए, गरीबों के लिए करेंगे इस्तेमाल' उन्होंने कहा, 'यह सरकार विजिबल सरकार रही है. पहले सरकार को ढूंढना पड़ता था. अब मीडिया से भी आगे प्रो-एक्टिव होकर सरकार मदद के लिए तत्पर दिखाई पड़ती है. जम्मू-कश्मीर में बाढ़, नेपाल में भूकंप के तुरंत बाद सरकार के प्रतिनिधि वहां दिखाई पड़ते हैं.'
By just transparent auction of 20 coal mines, more than Rs 2 lakh crore has been added to nation’s treasury:Amit Shah pic.twitter.com/qXIfBdujXt
— ANI (@ANI_news) May 26, 2015
'काले धन के वकील चाहते हैं नाम सार्वजनिक हों'अमित शाह ने कहा, 'आप क्या चाहते हैं? जांच पूरी हो और काला धन वापस आए? या भारत को जानकारी मिलना बंद हो जाए ताकि जो नाम सामने नहीं आए हैं, उन्हें बचाया जा सके.'
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय पहले 'कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमति ने...' की तर्ज पर चलता था. लेकिन अब देश की सभी एजेंसियों को एक सूत्र में जोड़ने का काम गृह मंत्रालय ने किया है जिससे आंतरिक सुरक्षा को मजबूती मिली है.