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सुप्रीम कोर्ट से गुहार, 'वायु प्रदूषण पर कुछ कीजिए प्लीज'

सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है. यह मशहूर गाना दिल्ली में हकीकत बन चुका है. दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. इस बात से शहर के बच्चे भी खासे परेशान हैं. 6 से 14 माह के तीन बच्चों की ओर से उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर शहर में वायु प्रदूषण कम करने की गुहार लगाई है.

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आम है इस किस्म की लापरवाही का नजारा
आम है इस किस्म की लापरवाही का नजारा

सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है. यह मशहूर गाना दिल्ली में हकीकत बन चुका है. दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. इस बात से शहर के बच्चे भी खासे परेशान हैं. 6 से 14 माह के तीन बच्चों की ओर से उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर शहर में वायु प्रदूषण कम करने की गुहार लगाई है.

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इस अर्जी में कहा है कि शहर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. सरकार इसे रोकने में अब तक नाकाम रही है. याचिका में दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर भी परेशानी जाहिर की है. अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव भसीन नाम के तीन बच्चों ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. बच्चों ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि वायु प्रदूषण के मसले पर कोर्ट के दिशा निर्देशों का भी पालन नहीं होता है. सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस मामले की सुनवाई करेगा.

गौरतलब है कि हाल ही में विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील देशों के 381 शहरों में दिल्ली की स्थिति सबसे खराब है, वहीं 20 में से 19 सबसे खराब प्रदूषित शहर साउथ एशिया से ही हैं. दिल्ली में वायु प्रदुषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले 10 सालों में दुनिया में वायु प्रदूषण के शिकार सबसे ज्यादा लोग दिल्ली में होंगे. इस रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर प्रदूषण स्तर को काबू में नहीं किया गया तो साल 2025 तक दिल्ली में हर साल करीब 32,000 लोग प्रदूषित वायु के शिकार होंगे.

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