रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की 1 सितंबर से शुरू की गई वैकल्पिक यात्रा बीमा को लोगों ने हाथोंहाथ लिया है. आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर 29 सितंबर तक इस सुविधा का लाभ उठाने वाले यात्रियों की संख्या 1 करोड़ के पार चली गई है. रेल बजट 2016-17 में घोषित की गई इस अग्रणी सुविधा के तहत रेल यात्री सिर्फ 92 पैसे देकर ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग करने पर 10 लाख रुपये का बीमा कवर पा सकते हैं.
आईआरसीटीसी के सीएमडी डॉ एके मनोचा के मुताबिक 'वैकल्पिक बीमा योजना को रेल यात्रियों से अत्यंत अनुकूल प्रतिक्रिया हासिल हुई है. एक महीने से भी कम अवधि में, यात्री के अनुकूल इस सुविधा का गुरुवार (29 सितम्बर) तक एक करोड़ यात्रियों ने लाभ उठाया है.' इस योजना के तहत, मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में यात्रियों को या उनके परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है, स्थायी आंशिक विकलांगता होने पर 7.5 लाख रुपये, अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च के 2 लाख रुपये, आतंकवादी हमलों, डकैती, दंगा, शूट आउट या आगजनी के साथ-साथ कम समय के लिए टर्मिनेशन, परिवर्तित मार्ग और विकल्प ट्रेनों सहित ट्रेन दुर्घटना या अन्य ‘अप्रिय घटना’ के कारण मौत होने या चोट पहुंचने पर मृतक को ले जाने के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है.
यह सुविधा आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से उप नगरीय ट्रेनों को छोड़कर, किसी भी ट्रेन में और किसी भी क्लास में ई-टिकट बुक कराने वाले सभी यात्रियों के लिए उपलब्ध है. बीमा कवर सभी वर्गों के लिए उपलब्ध है और ई-टिकट बुकिंग के समय में एक चेकबॉक्स के माध्यम से विकल्प की सुविधा उपलब्ध है. यात्री के द्वारा बीमा को चुने जाने पर टिकट की राशि के साथ ही प्रीमियम राशि स्वतः ही जुड़ जाती है. टिकट बुकिंग और प्रीमियम के भुगतान के बाद, नामांकन विवरण पूरा होने पर एक संदेश प्रदर्शित किया जाता है, जो समय पर दावों का निपटान करने के लिए आवश्यक है.
यूजर्स को पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के कवरेज के लिए बुकिंग के समय ही बच्चे का ब्यौरा प्रस्तुत करना होता है और तदनुसार कुल देय राशि में यात्रा बीमा प्रीमियम को जोड़ा जाता है. कवरेज ट्रेन पर सवार होने और उतरने की प्रक्रिया सहित प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेन के खुलने से लेकर गंतव्य स्टेशन पर गाड़ी के वास्तविक आगमन तक वैध है. दुर्घटना के बाद आकस्मिक चिकित्सा उपचार और मृत व्यक्ति को ले जाने का भी इस योजना के तहत बीमा का प्रावधान है. यह योजना आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम और श्रीराम जनरल के साथ साझेदारी में आईआरसीटीसी के द्वारा कार्यान्वित की जा रही है.
यात्री के द्वारा बीमा को चुनने के मामले में, दावा/दायित्व यात्री और बीमा कंपनी के बीच होगा. दुर्घटना के कारण मृत्यु के मामले में, बीमा राशि का 100 प्रतिशत कंपनी के द्वारा भुगतान किया जाएगा. दावों की सूचना तत्काल दी जानी चाहिए और दुर्घटना के चार महीनों के भीतर ही दी जानी चाहिए. चार महीने के बाद सूचना देने पर बीमा का लाभ नहीं मिलेगा. बीमा कंपनी के द्वारा दस्तावेज प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर ही ग्राहक/कानूनी वारिस के दावे की प्रक्रिया पूरी कर चेक भेजना आवश्यक है. किसी भी दावे को खारिज करने से पहले आईआरसीटीसी के नोडल अधिकारी के साथ चर्चा करना आवश्यक है.