एक दौर था जब देश में पर्यटन यानी देशाटन का मतलब धार्मिक यात्रा करना होता था, लेकिन पिछले 2 दशकों में भारतीय समाज की सोच बदली है और लोग न सिर्फ छुट्टी लेकर घूमने के लिए निकलते हैं बल्कि वीकंड भी बाहर मनाना पसंद करते हैं. पर्यटन से न सिर्फ सरकार को खासी कमाई होती है बल्कि कई लोगों को रोजगार भी मिलता है. ऐसे में मोदी सरकार का लक्ष्य अपने दूसरे कार्यकाल में खूब पर्यटन को बढ़ावा देना है. बजट 2019 में भी सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए बड़े कदम उठाने का वादा किया है.
लोगों ने बुनियादी चीजों के अलावा पर्यटन के क्षेत्र में खर्च करना शुरू किया है. विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में देशी पर्यटक भी देश के अन्य हिस्सों में घूमने के लिए लगातार निकल रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट में कहा था कि देश के 17 'आइकॉनिक साइट्स' को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील किया जाएगा. सरकार पर्यटकों को देशभर में घूमने के लिए लगातार प्रोत्साहित करेगी. दूसरी ओर, राजस्थान सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी कि पिछले 3 सालों में राज्य में 21 फीसदी पर्यटक बढ़े हैं. राज्य के पर्यटन विभाग ने बताया कि 2016 की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 90 हजार की वृद्धि हुई और यह संख्या बढ़कर 5.19 करोड़ हो गई. एक नजर डालते हैं देश के पर्यटकों और पर्यटन स्थलों पर.
26 सालों में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ी
ट्रेवल एंड टूरिज्म रिपोर्ट 2017 के अनुसार, पर्यटन के मामले में 136 देशों की सूची में भारत 40वें पायदान पर था. विदेशी पर्यटकों की तुलना में देशी पर्यटक बड़ी संख्या में देश में घूम रहे हैं. कंपाउंड एनुएल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) के हिसाब से देखा जाए तो 1991 से 2017 के बीच देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 13.1 फीसदी की वृद्धि हुई. विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, लेकिन 1991 से लेकर अब तक महज 5 साल (1992, 2001, 2002, 2009, 2012) में गिरावट देखी गई.
रिपोर्ट के अनुसार 2016 की तुलना में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 2.3 फीसदी की वृद्धि हुई तो वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या में 8.8 फीसदी का ईजाफा देखा गया. 2017 में घरेलू पर्यटकों की संख्या 1,65,24,85,357 थी तो विदेशी पर्यटकों की संख्या 2,68,86,638 थी. 2005 से लेकर 2017 तक देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई. पिछले 13 सालों में देखा जाए तो विदेशी पर्यटकों की संख्या में 2009 और 2012 छोड़कर हर साल वृद्धि ही हुई.
तमिलनाडु और यूपी सबसे पसंदीदा राज्य
देश के घरेलू पर्यटकों ने सबसे ज्यादा रुचि तमिलनाडु घूमने में दिखाई. 2016 में इस दक्षिण राज्य में 34,38,12,413 पर्यटक आए जो 2017 में बढ़कर 34,50,61,140 हो गई. प्रतिशत के आधार पर 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई. तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है और 2017 में यह संख्या 23,39,77,619 हो गई, जिसमें 2016 की तुलना में 9.6 फीसदी की वृद्धि हुई. तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः कर्नाटक (17,99,80,191) और आंध्र प्रदेश (16,54,33,898) का नंबर आता है.
2017 में विदेशी पर्यटकों ने सबसे ज्यादा रुचि महाराष्ट्र घूमने में दिखाई. 2016 की तुलना में 2.3 फीसदी की वृद्धि के साथ महाराष्ट्र में 50,75,514 विदेशी पर्यटक आए. इसके बाद विदेशी पर्यटकों ने तमिलनाडु (4860455) और उत्तर प्रदेश (3556204) में घूमने में दिलचस्पी दिखाई.
रिपोर्ट के अनुसार देश में घुमने वाले घरेलू पर्यटकों में से सबसे ज्यादा 20.9 फीसदी पर्यटक तमिलनाडु, 14.2 फीसदी पर्यटक उत्तर प्रदेश, 10.9 फीसदी पर्यटक कर्नाटक और 10.0 फीसदी पर्यटक आंध्र प्रदेश गए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर राजस्थान में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2.8 फीसदी थी.
मध्य प्रदेश को बड़ा झटका
राज्यवार पर्यटकों के घूमने जाने की बात करें तो 2016 की तुलना में 2017 में पर्यटकों के लिहाज से सबसे ज्यादा नुकसान मध्य प्रदेश को हुआ. 2016 की तुलना में मध्य प्रदेश में 2017 में 48.1 फीसदी पर्यटकों की कमी का सामना करना पड़ा. 2016 में 150490339 घरेलू पर्यटक आए तो 2017 में यह संख्या घटकर 78038522 हो गई.
मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, हरियाणा, लक्षद्वीप और तेलंगाना में भी देशी पर्यटकों की कमी आई. न सिर्फ देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों ने भी हरियाणा (41.6 फीसदी), छत्तीसगढ़ (27.8 फीसदी), सिक्किम (25.6 फीसदी) और आंध्र प्रदेश (20.6 फीसदी) समेत कई राज्यों में जाने से परहेज किया.
ताजमहल सबसे लोकप्रिय
2017-18 में घरेलू और विदेशी पर्यटकों में देश के 10 सबसे लोकप्रिय स्मारकों में विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल पहले पायदान पर रहा. ऐसे स्मारक जिन्हें देखने के लिए टिकट खरीदना होता है. घरेलू पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थलों में पहले पायदान पर ताजमहल, फिर कोणार्क का सूर्य मंदिर है, जबकि तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः लाल किला, कुतुब मीनार और आगरा का किला है.
ताजमहल का दीदार करने वालों में घरेलू पर्यटकों की संख्या 56,63,136 है जबकि 7,94,556 बाहर से आने वाले पर्यटक थे. भारत में पर्यटन और यात्रा को लेकर एक बड़ा बाजार है. घरेलू और वैश्विक पर्यटकों के बीच पर्यटन के क्षेत्र में भारत की पहचान आध्यात्मिक पर्यटक स्थल के रूप में रही है. जीडीपी में योगदान के लिहाज से भारत पर्यटन और यात्रा के क्षेत्र में विश्व रैंकिंग में 7वें पायदान पर है.
एक अनुमान है कि 2028 तक विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ से ज्यादा (30.5 मिलियन) हो जाएगी, जबकि माना जा रहा है कि 2020 तक देश में मेडिकल टूरिज्म इंडस्ट्री 6169 करोड़ रुपये (9 बिलियन डॉलर) का हो जाएगा. सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में लगी है, लेकिन इसके कामयाब होने और कमाई बढ़ाने के लिए लोगों में जागरुकता के साथ-साथ सुविधाओं में सुधार लाने की जरूरत है. पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, देशी-विदेशी पर्यटकों के आने से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा बल्कि आर्थिक संपन्नता भी आएगी.