त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर विवादित बयान दे डाला है. रॉय ने लाउड स्पीकर पर अजान की तुलना दिवाली में पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण से की है. त्रिपुरा के राज्यपाल ने ट्वीट कर उन लोगों से सवाल पूछा है, जो दिवाली के दौरान पटाखों से ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करते हैं.
तथागत रॉय ने लिखा, 'हर दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर विवाद होता है, जो साल में कुछ ही दिन जलाए जाते हैं. लेकिन रोज सुबह साढ़े चार बजे लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर कोई बात नहीं होती.'
Every Diwali fights start over noise pollution from crackers. A few days in a year. But no fight about Azaan over loudspeakers at 4.30 AM!
— Tathagata Roy (@tathagata2) October 17, 2017
उन्होंने आगे ट्वीट कर कहा कि लाउडस्पीकर पर अजान से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर सेक्यूलर लोगों की चुप्पी से हैरानी होती है. कुरान या किसी हदीस में लाउडस्पीकर पर अजान की बात नहीं कही गई है.
Actually this silence of the 'secular' crowd over noise pollution by Azaan perplexes me. Loudspkrs are not prescribed in Quran or any Haadis
— Tathagata Roy (@tathagata2) October 17, 2017
बीजेपी नेता रॉय ने बताया कि मुअज्जिन को मीनार पर तेज आवाज में अजान करना होता है, इसीलिए मीनारें बनाई गई हैं. लाउडस्पीकर का इस्तेमाल इस्लाम के खिलाफ है.
The Muezzin is supposed to shout Aazan from the minarets,which is why the minarets are there! Use of loudspeakers,thus is contrary to Islam!
— Tathagata Roy (@tathagata2) October 17, 2017
राज्यपाल रॉय का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने दिवाली पर रात 10 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक तेज आवाज वाले पटाखों पर पाबंदी लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है.
इंडिया टुडे से बात करते हुए बीजेपी नेता ने स्पष्ट किया हिंदू होने के नाते वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है क्योंकि उत्सव के एक महत्वपूर्ण पहलू पर रोक लगाई जा रही है. रॉय के मुताबिक किसी दिन वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए हिंदूओं के अंतिम संस्कार पर भी पाबंदी की बात उठ सकती है.
कई मुद्दों पर कठोर रवैया रखने वाले त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने रोहिंग्या शरणार्थियों को 'कचरा' कह कर विवाद खड़ा कर दिया था. इस मसले पर उन्होंने ट्वीट किया था, 'कोई इस्लामिक देश रोहिंग्याओं को अपनाने के लिए तैयार नहीं है. लेकिन भारत जरूर महान धर्मशाला है. और अगर आप इनकार करते हैं, तो इसे अमानवीय व्यवहार माना जाएगा.'