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महिला मरीज को अस्पताल से बाहर फेंकने के मामले में दो जूनियर डॉक्टर निलंबित

कानपुर में एक महिला मरीज को अस्पताल से बाहर फेंकने के मामले में दो जूनियर डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है.

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जिन डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है कानपुर में उन्हीं डॉक्टरों की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है. एक महिला मरीज को अस्पताल से बाहर फेंकने के मामले में दो जूनियर डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है. चार दिन पहले बिहार की एक घायल महिला को अस्पताल से उठाकर गंगा नदी के किनारे बैराज पर फेंकने के मामले में मेडिकल कालेज प्रशासन ने दो जूनियर डॉक्टरों को तीन माह के लिये निलंबित कर दिया.

बिहार की थी महिला
एक अन्य मामले में एक जूनियर डॉक्टर को एक महीने के लिये निलंबित कर दिया. महिला के मामले की जांच के लिये एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है. पिछले हफ्ते बेगुसराय(बिहार) की कृष्णा देवी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आ गयी थी जिससे उनके पैर में चोट आ गयी थी. उनके साथ उनका कोई रिश्तेदार नहीं था, इसलिये उन्हें पुलिस ने गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया था.

गंगा नदी के किनारे बैराज पर फेंका
मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख डॉ. ए के गुप्ता के मुताबिक, दो जूनियर डॉक्टरों विवेक नायक और इफ्तिखार अंसारी पर यह आरोप लगे थे कि 13 जुलाई की रात को इन दोनों ने उस महिला को उठाकर एम्बुलेंस में लादकर गंगा नदी के किनारे बैराज पर फेंक दिया था.

प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन
बाद में दूसरे दिन पुलिस उस महिला को वापस उठाकर अस्पताल लायी . इस मामले की प्रारंभिक जांच की गयी तो यह मामला सही पाया गया और इसकी रिपोर्ट मेडिकल कालेज प्रशासन को दी गयी. मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दोनों जूनियर डॉक्टरों को तीन माह के लिये निलंबित कर दिया है.

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मामले की जांच के लिये तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गयी है. मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार एक और जूनियर डॉक्टर डॉ. संदीपन को मरीज की भर्ती में आनाकानी के आरोप पर एक माह के लिये निलंबित कर दिया है.

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