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उद्धव ठाकरे निर्विरोध चुने गए महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निर्विरोध रूप से महाराष्ट्र विधान परिषद का सदस्य चुन लिया गया है. महाराष्ट्र की विधान परिषद में जो 9 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं उनमें शिवसेना के दो, एनसीपी के दो, कांग्रेस के एक और बीजेपी के चार सदस्य शामिल हैं.

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महाराष्ट्र में होने थे विधान परिषद के चुनाव (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र में होने थे विधान परिषद के चुनाव (फाइल फोटो)

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  • महाराष्ट्र में 21 को होने थे एमएलसी के चुनाव
  • चुनाव आयोग को अब नहीं करानी पड़ेगी वोटिंग

महाराष्ट्र में विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर 21 मई को चुनाव होने थे. लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि 3 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया है. जिसके बाद अब मैदान में सिर्फ 9 प्रत्याशी ही रह गए थे. इसी वजह से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निर्विरोध रूप से महाराष्ट्र विधान परिषद का सदस्य चुन लिया गया है.

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी इसी वजह से उन्हें विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य चुना जाना जरूरी हो गया था. क्योंकि 6 महीने की समयसीमा खत्म होने वाली थी. बता दें कि चुनाव के मैदान से अपना नाम वापस लेने की समयसीमा 14 मई तक ही थी. यही वजह है कि आज अतिरिक्त उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए जिस वजह से चुनाव की जरूरत भी खत्म हो गई.

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महाराष्ट्र की विधान परिषद में जो 9 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं उनमें शिवसेना के दो, एनसीपी के दो, कांग्रेस के एक और बीजेपी के चार सदस्य शामिल हैं. शिवसेना की तरफ से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नीलम गोरहे, एनसीपी की तरफ से शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी और कांग्रेस की तरफ से रमेश कारद विधान परिषद के लिए चुने गए हैं.

ये थी दलगत स्थिति

महाराष्ट्र के कुल 288 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी महा विकास अघाड़ी को 170 विधायकों का समर्थन हासिल है. इनमें शिवसेना के 56 विधायक, एनसीपी के 54 विधायक, कांग्रेस के 44 विधायक और अन्य 16 विधायक उनके साथ हैं. वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाले विपक्ष के पास 115 विधायक हैं जबकि 2 AIMIM और एक मनसे के विधायक हैं.

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विधान परिषद की एक सीट के लिए तकरीबन 32 वोटों की प्रथम वरियता के आधार पर जरूरत थी. इस लिहाज से माना जा रहा था कि महा विकास अघाड़ी छह सीटों को लेकर समीकरण बना रही थी. वहीं बीजेपी की नजर भी चार सीटों पर थी. लेकिन अब अघाड़ी के खाते में 5 और बीजेपी के पास 4 सीटें गई हैं.

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