scorecardresearch
 

रक्षा मंत्रालय ने बताया देश को कब मिलेगा S-400 मिसाइल सिस्टम

S-400 मॉर्डन वारफेयर के सबसे उन्नत हथियारों में से एक है. यह एक प्रकार का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान में ही गिरा सकता है. ये मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता रखता है. रूस में -50 से लेकर -70 डिग्री तक के तापमान में इस मिसाइल का परीक्षण किया गया है. भारत ने पांच S-400 मिसाइल खरीदने का फैसला किया है.

Advertisement
X
एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 (फोटो-SPUTNIK)
एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 (फोटो-SPUTNIK)

Advertisement

देश को मिसाइल हमलों से रक्षा कवच देने वाला S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हासिल करने के लिए भारत को अभी इंतजार करना पड़ेगा. रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने बताया कि इस मिसाइल को भारत आने में अभी 4 साल का वक्त है. हालांकि रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक के इस बयान से साफ हो गया है कि भारत अमेरिकी दबाव में तनिक भी झुकने वाला नहीं है. बता दें कि अमेरिका भारत-रूस के बीच हुए S-400 सौदे का विरोध कर रहा है, लेकिन श्रीपद नाइक के बयान से ये जाहिर हो गया है कि भारत इस सौदे पर तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक चलेगा.

लोकसभा में S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा, "5 अक्टूबर 2018 को रूस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ था, संभावना है कि अप्रैल 2023 में भारत को इसकी सप्लाई मिल जाएगी." 5 बिलियन डॉलर यानी कि 35000 करोड़ के इस समझौते को अमल में आने में 5 साल लग जाएंगे.

Advertisement

S-400 की खासियतें

S-400 मॉर्डन वारफेयर का सबसे उन्नत हथियारों में से हैं. यह एक प्रकार का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान में ही गिरा सकता है. ये मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता रखती है. रूस में -50 से लेकर -70 डिग्री तक के तापमान में इस मिसाइल का परीक्षण किया गया है. भारत ने पांच S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला किया है.

इस सिस्टम में रडार, मिसाइल और लॉन्चर लगे हुए हैं. इसकी बनावट ऐसी है कि इसका पता लगा पाना और इसे नष्ट कर पाना लगभग नामुनकिन है. पूरे सिस्टम को कुछ ही मिनटों में हमले के लिए तैयार किया जा सकता है. ये मिसाइल सिस्टम 600 किलोमीटर की दूरी से ही 300 लक्ष्यों की पहचान कर सकता है और इससे पैदा होने वाले खतरे का आकलन कर उनपर चार तरह के मिसाइलों से उनपर हमला कर सकता है.

हर S-400 सिस्टम में चार तरह के मिसाइल लगे होते हैं. इनका 400 किलोमीटर, 200 किलोमीटर, 100 किलोमीटर और 40 किलोमीटर होता है. ये मिसाइल जमीन से 100 फीट ऊपर उड़ रहे खतरे की पहचान कर सकता है और अगर इसकी अधिकतम क्षमता की बात करें तो 40 हजार फीट ऊपर उड़ रहे टारगेट को पहचान कर उसे ध्वस्त कर सकता है. यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है. भारतीय वायुसेना ने इस सिस्टम को खरीदने से पहले 5 साल तक इसी खूबियों का अध्ययन किया है.

Advertisement

Advertisement
Advertisement