यूपी बीजेपी प्रभारी और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर योगी सरकार और प्रदेश नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं. पिछले 6 महीने में ओमप्रकाश माथुर एक बार भी पार्टी के किसी भी अधिकारिक प्रोग्राम में शामिल नहीं हुए हैं.
ओमप्रकाश माथुर आखिरी बार 11-12 अक्टूबर को कानपुर में आयोजित प्रदेश बीजेपी की कार्यसमिति की बैठक शामिल हुए थे. जबकि उसके बाद ओमप्रकाश माथुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निमंत्रण पर 20 फरवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत के बौद्धिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
इसलिए हैं नाराजओम माथुर योगी सरकार और यूपी बीजेपी में लिए जा रहे संगठनात्मक फैसलों से नाराज है. उन्होंने इस संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से भी अपनी नाराजगी जाहिर की है.
ओम माथुर की नाराजगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो अमित शाह के 11 अप्रैल को लखनऊ दौरे और 20 अप्रैल को रायबरेली-लखनऊ दौरे के समय भी पार्टी के प्रोग्राम में शामिल नहीं हुए.
उपचुनाव में भी रहे दूर
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति से भी ओम माथुर दूर रहे. यहां तक कि इस दौरान वो एक दिन भी यूपी के दौरे पर नहीं आए. इसके बाद राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन, विधानपरिषद् के उम्मीदवारों के चयन के समय भी पार्टी की बैठकों में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया.
सूत्रों की मानें तो ओम माथुर ने पीएम मोदी और अमित शाह से यूपी प्रभारी पद से मुक्त करने की पेशकश कर दी है. फिलहाल, ओम माथुर को अमित शाह ने कर्नाटक चुनाव में कोस्टल बेल्ट की जिम्मेदारी दी है.