कुछ दिनों पहले ही यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर प्रेम का मजाक उड़ाया था. उन्होंने कहा था कि मोदी ट्विटर पर ही अपनी सरकार चला रहे हैं. लेकिन अब अखिलेश के पास खुद तीन-तीन ट्विटर अकाउंट्स हो गए हैं.
पहले अखिलेश यादव अपने निजी ट्विटर हैंडल @yadavakhilesh से काम चलाते थे. लेकिन बतौर सीएम उन्हें महसूस हुआ की इस कुर्सी के लिए भी अलग से एक ट्विटर अकाउंट तो होना ही चाहिए. लिहाजा, 28 जून को उन्होंने @CMOfficeUP अकाउंट शुरू किया. फिर यूपी सरकार के लिए अलग से @UPGovt और राज्य सरकार के मुख्य सचिव के नाम से @chiefsecyUP हैंडल्स बनाए गए. तीनों अकाउंट एक ही दिन में बना लिए गए.
हालांकि, बदायूं रेपकांड पर लोगों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'दिल्ली में बैठी सरकार ट्विटर पर ही देश चलाने में भरोसा रखती है'. अखिलेश यादव के प्रधान सचिव नवनीत सहगल ने दलील दी है कि सीएम के बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 'सीएम सोशल मीडिया के खिलाफ नहीं हैं'. यादव की ट्विटर एंट्री पर सहगल ने कहा कि सरकार और जनता के बीच पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहल की गई है. 'हम आज की तारीख में सोशल मीडिया के महत्व को समझते हैं'.
हालांकि नरेंद्र मोदी के उलट अखिलेश यादव ने अपने मंत्रियों को सोशल मीडिया से दूर रहने की नसीहत दी है. इस काम के लिए यूपी सरकार में एक खास टीम बनी है. मंत्रियों को जो भी बात लोगों तक पहुंचानी होगी, वो पहले इस टीम को भेजी जाएगी. फिर तमाम चर्चाओं के बाद मंत्री जी की बात सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचेगी. पिछले हफ्ते ही ट्विटर इंडिया की टीम ने अखिलेश यादव और उनके स्टाफ को इस माध्यम की ट्रेनिंग दी थी.
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अपने पांच साल पुराने ट्विटर अकाउंट से अखिलेश यादव ने केवल 135 ट्विट ही किए. हालांकि उनके इन तीन नए नवेले अकाउंट्स से अब तक 24 से ज्यादा ट्वीट किए जा चुके हैं. इनमें से ज्यादातर यूपी सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी हैं. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश सरकार को कुछ प्रोफेश्नल लोगों की जरूरत है जो इन तीनों ट्विटर हैंड्लस को चला सकें.