धर्मांतरण विवाद के बीच यूपी के राज्यपाल राम नाईक का विवादित बयान सामने आया है. राम नाईक ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर जल्द बनना चाहिए. आगरा के धर्मान्तरण मसले पर राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार को इसकी जांच करनी होगी.
फैजाबाद में एक दीक्षांत समारोह में आए राम नाईक ने कहा, 'राम मंदिर जल्द से जल्द बनना चाहिए. यह लोगों की इच्छा है और यह इच्छा पूरी होनी चाहिए.' नाईक के इस बयान पर सियासी बवाल शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस ने इस मसले को आज संसद में उठाने की धमकी दी है.
वहीं, आगरा में धर्मांतरण की घटना पर यूपी अल्पसंख्यक आयोग ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने प्रशासन से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है.
इस बीच, अलीगढ़ में 25 तारीख को होने वाले धर्मांतरण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और धर्म जागरण समिति आमने-सामने आ गए हैं. प्रशासन कार्यक्रम नहीं होने देने पर अड़ा है वहीं धर्म जागरण समिति का कहना है कि कार्यक्रम हर हाल में होगा.
आज फिर गरमा सकती है संसद
धर्मांतरण के मसले पर संसद आज फिर गरमा सकती है. कल लोकसभा में बहस के बाद विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया था. संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू के जवाब से विपक्ष नाराज था. वेंकैया ने आरएसएस की तारीफ करते हुए आरएसएस को महान संगठन बताया. उन्होंने संघ से जुड़े होने पर गौरव जाहिर भी किया.
कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोर्चा संभाला. उन्होंने प्रधानमंत्री से पूरे मामले पर सफाई मांगी. वहीं, सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने धर्मांतरण पर हंगामे को लेकर हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि जब आगरा में हंगामा नहीं तो यहां (संसद) में क्यों हो रहा है?