उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में दो चचेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उनकी हत्या का मुद्दा उठाते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों ने मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यावाही बाधित हुई.
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व बसपा प्रमुख मायावाती ने किया. बसपा सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच गए और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग करने लगे.
सदन की बैठक सुबह जैसे ही शुरू हुई, मायावती ने बदायूं में दो लड़कियों के साथ हुए दुष्कर्म और उनकी हत्या का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है.
मायावती ने कहा, 'राज्य में जंगल राज कायम है.' उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की.
सपा नेता रामगोपाल यादव ने मायावती की टिप्पणी का विरोध किया. इस बीच बसपा सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच गए और उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे.
सभापति हामिद अंसारी ने बसपा सदस्यों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को राष्ट्रपति के अभिाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाएं.
लेकिन बसपा सदस्यों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा. इस पर सभापति अंसारी ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई, तो मायावती बसपा सदस्यों के साथ सदन से बाहर निकल गईं.
गौरतलब है कि बदायूं जिले के कटरा गांव में 27 मई को दो नाबालिगों के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया और उसके बाद उन्हें पेड़ से लटका दिया गया.