राम मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद हरिद्वार में 31 मई से 2 जून तक 3 दिन का संत सम्मेलन करेगा. सूत्रों की मानें तो इस सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद और संत समाज सरकार पर दबाव बनाएगा कि जिस तरह से तमिलनाडु में जलीकट्टू पर कानून बनाया गया उसी तरह केंद्र सरकार संसद में कानून बनाकर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करे.
विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि अभी तक केंद्र सरकार ये कहती रही है कि राज्यसभा में उसके पास बहुमत नहीं है. लेकिन यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला इसके बाद 2018 में सरकार के पास राज्यसभा में भी बहुमत हो जाएगा. इसलिए सरकार को संसद में राम मंदिर पर कानून बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.
सूत्रों की मानें तो विश्व हिंदू परिषद के नेताओं और संत समाज का मानना है कि राम मंदिर पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति नहीं बन सकती और न्यायालय का आदेश आने में समय लग सकता है.
अब देखना है कि मोदी सरकार राम मंदिर पर क्या कदम उठाती है. क्योंकि अभी तक सरकार के बड़े मंत्री और बीजेपी के नेताओं ने कई बार ये कहा कि राज्यसभा में उनके पास बहुमत नहीं है. इसलिए राम मंदिर पर संसद में कानून नहीं बनाया जा सकता. लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के नतीजों के बाद 2018 में राज्यसभा में सरकार के बहुमत की समस्या समाप्त हो जाएगी.