मोदी सरकार ने अपना रुख कड़ा करते हुए संकेत दिया कि वह विवादास्पद भूमि विधेयक में आगे संशोधनों की इजाजत नहीं देगी. सरकार ने कहा कि वह नतीजों का सामना करने के लिए तैयार है.
संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, 'सरकार ने जरूरी संशोधन किए. अगर सार्थक सुझाव आते हैं, तो आने दीजिए, तब हम विचार करेंगे. नायडू ने विपक्ष के पुरजोर विरोधकी वजह से विधेयक पर गतिरोध की बात को सिरे से खारिज किया.
'नहीं है कोई गतिरोध'
नायडू ने कहा, 'कोई गतिरोध नहीं है. हमारे
पास राज्यसभा में संख्या नहीं है, लेकिन कोयला विधेयक पारित किया गया, खदान एवं खनिज विधयेक उसी
राज्यसभा में पारित किया गया. मंत्री ने कहा, 'लोकसभा में सरकार की ओर से भूमि विधेयक पर नौ संशोधन
लाए गए. कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. हमने एकतरफा कुछ नहीं किया है. हमने विस्तृत विचार-विमर्श
किया है.
'विपक्ष नहीं चाहता है विकास'
नायडू ने कहा, 'कांग्रेस और भूमि विधेयक का विरोध कर
रहा विपक्ष विकास नहीं चाहते है. वे सरकार के लिए अच्छाई नहीं चाहते हैं. वे चाहते हैं कि विकास के लिए
इंतजार को बढ़ाया जाए. हम तैयार नहीं हैं. हम कुछ करना चाहते हैं. हम भूमि विधेयक पर नतीजों का
सामना करने के लिए तैयार हैं. जनता का साथ मिलने का विश्वास जताते हुए नायडू ने कहा कि सरकार
लोकसभा में फिर से यह विधेयक लेकर आएगी.
इनपुट भाषा