लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में जो राजनीतिक हिंसा की चिंगारी भड़की थी वह अभी तक नहीं बुझी है. लगातार बंगाल में हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही जंग और भी तेज हो रही है. अब बीजेपी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर दी है, तो वहीं राज्य में प्रदर्शन भी जारी है.
बीजेपी ने सोमवार को राज्य में काला दिवस मनाया, तो मंगलवार को भी राज्य में कई जगह प्रदर्शन करने का प्लान है. बीजेपी आज कोलकाता में प्रदर्शन करेगी, जिसमें नेता पुलिस हेडक्वार्टर तक मार्च करेंगे. भाजपा का आरोप है कि अभी तक राज्य में 84 लोगों की मौत हो गई है, हालांकि टीएमसी का कहना है कि राज्य में स्थिति ठीक है.
राज्य में मचे इस राजनीतिक विवाद के बीच सोमवार को ही राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. मुलाकात से पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस मुलाकात में राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा हो सकती है और बात राष्ट्रपति शासन तक पहुंच सकती है.
हालांकि, राज्यपाल ने बाद में बताया कि इस तरह की कोई बात नहीं हुई है, ये सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी. ऐसे में किसी तरह के कयास लगाना ठीक नहीं होगा. बंगाल के 24 परगना में स्थिति उस दिन बिगड़ी जब झंडे को लेकर हुई बहस के बाद कुछ कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी. इनमें बीजेपी और टीएमसी के दोनों ही कार्यकर्ता शामिल थे.
लोकसभा चुनाव से जारी है लड़ाई
लोकसभा चुनाव के दौरान टीएमसी और बीजेपी में जुबानी जंग तेज थी. इधर से पीएम मोदी-अमित शाह समेत पूरी बीजेपी टीएमसी पर हमलावर थे, तो वहीं ममता बनर्जी भी पलटवार कर रही थीं. सिर्फ बड़े नेता ही नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच भी चुनावी जंग चल रही थी. मतदान के दौरान कई कार्यकर्ताओं की मौत हुई, पोलिंग बूथ में देसी बम बरसाए गए.
भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य में लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं. बीजेपी का ये कथन अभी तक चल रहा है. हालांकि, चुनाव खत्म होने के बाद भाजपा और भी आक्रामक हो गई है. लगातार उसकी तरफ से टीएमसी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने का सिलसिला जारी है. तो वहीं, बीजेपी के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कह दिया है कि ऐसा ही चलता रहा तो हम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करेंगे.
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बंगाल में अपनी जमीन को काफी हद तक बढ़ाया. 42 लोकसभा सीटों वाले बंगाल में अब टीएमसी के पास 22, तो वहीं बीजेपी के पास 18 सीटें हैं. यही कारण है कि अब दोनों राजनीतिक दलों की तरफ से मिशन 2021 की तैयारी शुरू हो गई है.