सोमवार को आसाराम के पुंसत्व (पौरुष) की जांच की गई और डॉक्टर्स ने उन्हें फिट करार दिया. मतलब वे नपुंसक नहीं है. पर यह टेस्ट है क्या? हम आपको बताते हैं.
आध्यात्मिक गुरु आसाराम के मामले में, जोधपुर के मथुरादास मेडिकल कॉलेज के यूरो-एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद जैन और डॉ. एमके छाबड़ा ने उनकी जांच की. डॉ. छाबड़ा ने सिर्फ इतना ही कहा कि यह जांच उन्होंने ही की है, लेकिन इस केस में इससे ज्यादा कुछ भी कहने से उन्होंने इनकार कर दिया.
मुंबई पुलिस के चीफ सर्जन डॉ. पाटिल के अनुसार, पुंसत्व जांच (पोटेंसी टेस्ट) ऐसे आपराधिक मामलों में की जाती है, जो रेप या यौन शोषण से जुड़ा हो. यह जांच किसी अधिकृत यूरोलॉजिस्ट द्वारा की जाती है, यह देखने के लिए कि व्यक्ति का पुंसत्व बरकरार है या नहीं. इसके अलावा, यह जांच तलाक के कुछ मामलों में भी की जाती है. तलाक के ऐसे मामलों में पति अपने पुंसत्व का परीक्षण कराते हैं, जिन मामलों में इसी आधार पर तलाक मांगा जाता है.
पुलिस इस टेस्ट के जरिए वृषण सजगता (टेस्टीकुलर रिफ्लेक्सिस), किसी ऑपरेशन के सबूत, दाग, मानसिक परीक्षण और यौन उत्तेजना की सामान्य प्रतिक्रियाओं को जांचती है.