लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली की सत्ता छोड़ना आम आदमी पार्टी के लिए नुकसान का सौदा रहा था. आप की लोकसभा चुनाव में हार के बारे में अब पार्टी नेता और पूर्व पत्रकार आशुतोष ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि चुनाव बाद अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रो पड़े थे.
आशुतोष ने किताब में लिखा कि ये उस वक्त की बात है, जब कई नेता पार्टी छोड़कर चले गए थे और योगेंद्र यादव जैसे नेताओं ने पार्टी के अंदर सुप्रीमो स्टाइल जैसे सवाल उठा रहे थे. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पिछले साल छह-आठ जून को जंगपुरा में प्रशांत भूषण के आवास पर हुई थी. इस बैठक में लोकसभा चुनावों में हुई पार्टी की करारी हार पर चर्चा हुई थी.
किताब में आशुतोष ने लिखा है, 'अरविंद के चेहरे पर मायूसी आ गई. वह उठे और कमरे से बाहर जाने के लिए माफी मांगी. उन्होंने कुछ बोलना शुरू किया था, पर उसे पूरा नहीं कर सके. वह रो पड़े. उनके आंसू छुप नहीं सके. वह फर्श पर गिर पड़े. अंजलि दमानिया और मैं उनकी तरफ भागे. अंजलि ने उन्हें उठाया . इसके तुरंत बाद अंजलि रोने लगी और चिल्लाकर कहा, 'हमें खुद पर शर्म आनी चाहिए. हमने उन्हें यही दिया है. कुछ समय बाद अरविंद शांत हुए. तब तक हर कोई उनके पास आ चुका था.'
आशुतोष ने किताब में लिखा, 'अरविंद ने कहा, 'मैंने नौकरी और जिंदगी की दूसरी चीजें पार्टी का संयोजक बनने के लिए नहीं छोड़ी हैं. मैं यह सब चाहता भी नहीं हूं. कृपया किसी और को राष्ट्रीय संयोजक चुन लें.' इसके बाद एक बार फिर उनकी आंखें भीग गई' उस बैठक का हिस्सा रहे नेताओं ने कहा कि केजरीवाल तीन बार रोए थे.