जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी विज्ञापनों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरें प्रकाशित व प्रसारित करने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सोमवार को भारत के अतिरिक्त महाधिवक्ता (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) को सरकार की सलाह पर जवाब पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी.
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अरुण शुक्ला की याचिका में कहा गया है कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की नौ वर्ष की उपलब्धियों को लेकर विज्ञापन प्रकाशित किए गए हैं. इन विज्ञापनों में सोनिया गांधी की भी तस्वीर है. सोनिया केंद्र सरकार में मंत्री नहीं है, उसके बावजूद यूपीए सरकार के विज्ञापनों में उनकी तस्वीर प्रकाशित कर लोकधन का दुरुपयोग किया जा रहा है.
वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता राशिद सुहैल सिद्दिकी ने कोर्ट को बताया कि सोनिया गांधी यूपीए सरकार की कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की राष्ट्रीय सलाहकार हैं और उन्हें केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है. इसी आधार पर विज्ञापनों में उनकी तस्वीरों का प्रकाशन किया गया है. सिद्दिकी हालांकि, अपने पक्ष में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजय मानिकराव खानविलकर और के.के. लाहौटी की युगलखंड पीठ ने सोमवार को सिद्दिकी को 15 जनवरी तक केंद्र सरकार से निर्देश प्राप्त कर जवाब पेश करने को कहा है.