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लोकसभा में बोले पर्यावरण मंत्री- हर कोई 7 पेड़ लगाए तो बना लेगा अपना ऑक्सीजन बैंक

लोकसभा में नियम 193 के अधीन वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा हुई. चर्चा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को जवाब देने के लिए आमंत्रित किया. अपनी चर्चा की शुरुआत करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सबका धन्यवाद जो सबने चर्चा में हिस्सा लिया. जो सुझाव आए उस पर हम जरूर विचार करेंगे.

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केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (फोटो साभार: लोकसभा टीवी)
केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (फोटो साभार: लोकसभा टीवी)

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  • लोकसभा में वायु प्रदूषण पर हुई आज भी चर्चा
  • चर्चा के बाद केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिया जवाब
  • प्रकाश जावड़ेकर ने की जन आंदोलन की मांग

लोकसभा में नियम 193 के अधीन वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा हुई. चर्चा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को जवाब देने के लिए आमंत्रित किया. अपनी चर्चा की शुरुआत करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सबका धन्यवाद जो सबने चर्चा में हिस्सा लिया. जो सुझाव आए उस पर हम जरूर विचार करेंगे.

भारत का ग्रीन कवर बढ़ रहा है: प्रकाश जावड़ेकर

केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि हमने तय किया है कि हम 33 फीसदी इमीशन इंटेंसिटी कम करेंगे. इसके लिए हमने सारे उद्योगों के मानक बदलिए और सबको नई टेक्नॉलजी लाने को कहा. कॉर्बन उत्सर्जन की मॉनिटरिंग कराई. 22 फीसदी आज पहुंच चुके हैं. हमने फॉरेस्ट निर्माण का भी बड़ा उद्देश्य रखा है. जंगल बढ़ाने का ऐसा लक्ष्य किसी देश ने नहीं रखा रहा है. केवल दो देश का ग्रीन कवर बढ़ रहा है जिसमें एक भारत है इसका हमें गर्व होना चाहिए.

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विकास भी और पर्यावरण की रक्षा दोनों को हमें करना है: प्रकाश जावड़ेकर

अपने जवाब में जावड़ेकर ने आगे कहा कि हम हमारे रास्ते पर चल रहे हैं अब दुनिया को चलना है. अगले महीने मैं स्पेन जाउंगा जहां रखूंगा कि भारत अपने रास्ते पर चल रहा है. विकासशील देशों को टेक्नॉलजी मिलना चाहिए. दिल्ली का मेट्रो आप देख रहे हैं. 2003 में पहली लाइन बनी थी. 274 स्टेशन है, 50 लाख लोग ट्रैवल करते हैं. कुछ पेड़ काटने पड़े लेकिन हमारी पॉलिसी है कि एक पेड़ काटो तो 5 लगाने पड़ेंगे. वो पेड़ भी बढ़े, जंगल भी बढ़ा और पॉल्युशन भी कम हुआ. यही सस्टेनेबल मॉडल है. विकास भी और पर्यावरण की रक्षा दोनों को हमें करना है.

हवा में नमी की वजह से पैदा होती है दिक्कत: प्रकाश जावड़ेकर

उन्होंने आगे कहा कि यह एयर क्वॉलिटी इंडेक्स आया कहां से. प्रॉब्लम का सॉल्यूशन तब होता है जब आप मानो कि प्रॉब्लम है. 2015 में पीएम मोदी ने एयर क्वॉलिटी इंडेक्स भारत में लाया और कई जगह से आंकड़े जुटाने शुरू हुए. ज्योग्रफी भी एक मुद्दा है. ऐसा क्यों होता है कि गंगा के क्षेत्र में पॉल्युशन ज्यादा है क्योंकि गंगा से नमी आती है, हिमालय से नमी आती है इसलिए हवा दिक्कत पैदा करती है.

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केन्द्रीय मंत्री ने सदन में गिनाए सरकार के काम

केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हमने इंडस्ट्री पर काम किया. बदरपुर पॉवर प्लॉन्ट बंद कर दिया. अन्य उद्योगों को नए मानक दिए. फर्नेस ऑयल को बैन कर दिया. 2800 उद्योग सीएनजी पर शिफ्ट हुए. ईंट भट्टे जिकजैक टेक्नॉलजी पर शिफ्ट हुए. 40 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे. उज्जवला स्कीम लाए. इनसे पॉल्युशन कम हुआ. दिल्ली के लिए हाईवे बनाया. वॉटर वे बनाया. मेट्रो अब देश में 600 किलोमीटर की है और 600 किलोमीटर की बन रही है. अभी 1 करोड़ लोग सफर कर रहे हैं. आने वाले समय में 2 करोड़ लोग मेट्रो से सफर करेंगे. एक्सप्रेस वे और हाइवे रिकॉर्ड टाइम पर बने. वाटर वे शुरू हुए. सबसे साफ-सुथरा कुंभ इस बार हुआ. बॉयोफ्यूल पर एयरक्रॉफ्ट चला कर दिखाया. इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर आए. 3 लाख 28 हजार ई व्हीकल के लिए जनता को सब्सिडी मिली है.

उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में पेरिफेरल एक्स्प्रेस वे को लेकर किया. इस वजह से दिल्ली में जो वाहन दिल्ली को पॉल्युशन देते थे वो बाहर-बाहर जा रहे हैं. क्रेडिट वॉर चल रहा है, करता कोई है टोपी कोई पहन रहा है. डस्ट पॉल्युशन भी बहुत ज्यादा है. यहां धूल ज्यादा उड़ती है. धूल के कड़ों को (डस्ट सप्रेशन) दबाने के लिए स्प्रिंगलर चला रहे हैं. कंस्ट्रक्शन के नियम कड़े किए हैं. बॉयो मास बर्निंग को लेकर काम कर रहे हैं. दिल्ली में लोग कचरा जला रहे हैं. भारत सरकार ने खुद मशीन दी है पराली के लिए.

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प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम लगाए 7 पेड़

2020 में देश भर में बीएस 6 ग्रेड का ईंधन मिलने लगेगा. इससे प्रदूषण काफी कम होगा. हमने सिटी स्पेसफिक प्लान बनाया. नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम तैयार किया. हर सिटी का प्लान अलग बन रहा है. हर सिटी का पॉल्युशन कम हो ऐसी कल्पना है. इसमें लोगों की भी भूमिका है. जितना पेड़ लगाएं उतना ही बेहतर है. जिंदगी में जितनी सांसे लेते हैं उसके लिए जितना ऑक्सीजन हम लेते हैं उसके लिए 7 पेड़ सफिसेंट हैं. तो आज हम अगर संकल्प लें कि हम कम से कम 7 पेड़ लगाएं तो हर कोई अपना ऑक्सीजन बैंक खुद बना सकता है. स्कूल में हम नर्सरी शुरू करने वाले हैं. ताकि बच्चे अपना पेड़ लगाएं और रिजल्ट के साथ पुरस्कार के रूप में उसे लेकर जाएं और अपने घर पर लगाएं या उसके आसपास कहीं लगाएं.

पॉल्युशन से जल्द मुक्ति पाएगा भारत: प्रकाश जावड़ेकर

फायर क्रेकर की बात है तो इस बार पिछले सालों की तुलना में केवल 10 फीसदी ही बज रहे हैं. बच्चे कह रहे हैं कि पिता जी हमें पटाखे नहीं चाहिए. यह नई शुरुआत है. ट्रैफिक के नियम पालन करना. प्लास्टिक बैन. आसपास के काम के लिए साइकिल इस्तेमाल करना. लोगों का भी सहयोग चाहिए. एक जन आंदोलन चाहिए. सरकार भी काम करेगी. अगर बीजिंग में 15 साल लगा तो हम उससे कम समय में इसे मात देंगे, मिलकर मात देंगे. भारत जलवायु परिवर्तन में भी नेतृत्व करेगा और पॉल्युशन से भी जल्द मुक्ति पाएगा.

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