विश्वबैंक बिजली क्षेत्र में क्षमता में सुधार के लिए आंध्र प्रदेश को करीब 2,500 करोड़ रुपये का लोन देने को सहमत हुआ है. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है.
स्टेट एनर्जी कन्जर्वेशन मिशन ने कहा कि यह वित्त पोषण ग्रामीण आपूर्ति को बढ़ाने, स्मार्ट सिटी, स्मार्ट मीटरिंग, नए राजधानी शहर सहित वितरण सुदृढ़ीकरण संबंधी निवेश, नेटवर्क सुदृढ़ीकरण सहित पारेषण प्रणाली के अलावा कई अन्य कार्यों के लिए है.
इसमें कहा गया है कि इस बीच भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को दी सूचना में कहा है कि जर्मन डेवलपमेंट बैंक, केएफडब्ल्यू ने हरित ऊर्जा गलियारे के लिए रियायती ब्याज दर पर 515 करोड़ रुपये के लोन आवंटन के सभी प्रारूपों को मंजूरी दी है. प्रदेश सरकार, भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के सहयोग से 1,289 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हरित ऊर्जा गलियारे को पूरा करने की तैयारी कर रही है.
इनपुट भाषा