जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना जारी है. कुश्ती महासंघ अध्यक्ष और पहलवानों के बीच ठरी रार में रेसलर्स को पहली सफलता मिल गई है. दिल्ली पुलिस ने कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात सुप्रीम कोर्ट में मान ली है. इस तरह बीते तकरीबन एक हफ्ते से धरने पर बैठे पहलवानों की एक मांग पूरी हो गई है, जिसमें वह बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे. इसके लिए विनेश फोगाट समेत सात महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी.
शुक्रवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहलवानों ने FIR दर्ज किए जाने को लेकर बात की और कहा, यह अंतिम पड़ाव नहीं है, यह शुरुआत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनका ध्येय है कि बृजभूषण शरण सिंह को सजा मिले. मीडिया से बातचीत में और क्या बोले पहलवान, जानिए पांच बड़ी बातें.
1. 'जेल भेजे जाएं बृजभूषण'
पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक शुक्रवार शाम को एक बार फिर मीडिया के सामने थे. इस दौरान सभी पहलवानों ने एक सुर में कहा कि दिल्ली पुलिस को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, बृजभूषण सिंह को जेल में डाला जाए. ये उनकी सबसे पहली मांग है.
2. बात कुश्ती की नहीं, स्पोर्ट्स के भविष्य की
विनेश फोगाट ने कहा, ये सिर्फ कुश्ती की बात नहीं है, अगर देश का भविष्य स्पोर्ट्स में बचाना है तो हमें एक साथ आना होगा. अगर खिलाड़ियों की आवाज को दबाया जा रहा है तो हम उनकी आवाज बनें, अगर हम ऐसा आज नहीं कर पाए तो भारत में कभी स्पोर्ट्स को बचा नहीं पाएंगे.
3. 'ये लड़ाई FIR तक नहीं थी'
विनेश फोगाट ने कहा 'FIR की दर्ज करने के लिए ये काफी है कि लड़कियों ने खुद शिकायत की है. अगर हमें कोई सुबूत देने होंगे तो हम सभी सुबूत सुप्रीम कोर्ट के सामने ही पेश करेंगे, किसी कमेटी या दिल्ली पुलिस के सामने नहीं. पहलवानों ने कहा कि ये लड़ाई FIR तक नहीं थी, ये सजा दिलाने के लिए है. बृजभूषण सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. ये FIR तो पहले ही हो जानी चाहिए थी, इसे होने में छह दिन लग हैं, उनके ऊपर तो पहले ही 85 मुकदमें चल रहे हैं, जिन पर अब तक कुछ नहीं हुआ तो इस एक और FIR से क्या हो जाएगा. ये लड़ाई हिंदुस्तान में कुश्ती के भविष्य को लेकर है.'
4. 'खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने नहीं सुनी हमारी बात, पुलिस या कमेटी किसी पर भरोसा नहीं'
पहलवान बोले कि कमेटी ने असली बात छिपा के रखी है, सुप्रीम कोर्ट जो फैसला लेंगे वही मान्य होगा. बजरंग पूनिया ने कहा, जब तक वो जेल नहीं जाते धरना जारी रहेगा. इस दौरान उन्होंने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को लेकर भी बड़ी टिप्पणी की. पूनिया ने कहा, उन्होंने तो हमारा फोन ही नहीं उठाया, हम कहां जाते? वह 12 मिनट भी मुश्किल से हमारे साथ नहीं बैठे. सुप्रीम कोर्ट के अलावा हमें किसी कमेटी, किसी सदस्य पर कोई भरोसा नहीं है, बल्कि दिल्ली पुलिस पर भी भरोसा नहीं है. हम सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने बयान देंगे.
5. सुरक्षा की भी है जरूरत
बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाया जाए, उचित जांच हो और कोर्ट के अनुसार जो फैसला हो उसके आधार पर सजा मिले. ऐसा जब तक नहीं होता, हम धरना देते रहेंगे. बजरंग पूनिया ने कहा कि अभी तो देखना ये है कि कैसी FIR दर्ज की जाती है और क्या धाराएं लगती हैं. पहलवानों ने कहा कि हम सात दिन से बैठे हैं, अब तक तो किसी ने (सरकार में से) बुलाया नहीं. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सुरक्षा की बहुत जरूरत है. बोले कि जिसके खिलाफ हम खड़े हैं वह बाहुबली है.