आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नीतीश कुमार से मंच साझा करने पर आलोचना की है. उन्होंने इसे ‘भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की आत्मा बेचने’ जैसा करार दिया.
यादव ने कहा कि AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिहार चुनाव से पहले नीतीश-लालू गठबंधन से हाथ मिलाया है जो ‘भ्रष्ट्राचार विरोधी आंदोलन की आत्मा बेचने’ जैसा है.
AAP के पूर्व नेता नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के नेतृत्व में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित लोगों के भूमि, आवास और आजीविका सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे.
शिवराज से इस्तीफा मांगा
यादव ने व्यापम घोटाले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से नैतिकता के तकाजे पर इस्तीफे
की मांग की. उन्होंने साफ किया जो तथ्य मिले हैं उसकी बिना पर चौहान के खिलाफ आपराधिक
प्रकरण भले ही दर्ज नहीं हुआ, लेकिन नीचे से शीर्ष तक को इसकी जानकारी न हो ऐसा मानना नादानी
होगी. इसलिए शिवराज को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए.
स्वराज आंदोलन के मुखिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए इसे कॉरपोरेट सरकार बताया. उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरदार सरोवर परियोजना के डूब प्रभावितों के हितों को अनदेखा किया जा रहा है.
(इनपुट: भाषा)