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बीजेपी का असर! ओवैसी की पार्टी से अलग हुई TRS, अकेली लड़ेगी हैदराबाद निकाय चुनाव

निकाय चुनाव में जहां ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी पर जमकर निशाना साध रहे हैं वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने ओवैसी की पार्टी से अलग होकर सभी 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

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टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर (फोटो-PTI)
टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • निकाय चुनाव में 150 सीटों पर अकेली लड़ेगी TRS
  • हैदराबाद निकाय चुनाव के लिए 1 दिसंबर को मतदान
  • अकबरुद्दीन ओवैसी ने टीआरएस पर साधा निशाना

तेलंगाना में हैदराबाद निकाय चुनाव (GHMC) को लेकर सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने निकाय चुनाव में बढ़त हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा दिया. बीजेपी ने पार्टी के कद्दावर नेताओं को प्रचार अभियान में उतार दिया है.

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निकाय चुनाव में जहां ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी पर जमकर निशाना साध रहे हैं वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने ओवैसी की पार्टी से अलग होकर सभी 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बेटे कलवकुंतला तारक रामा राव ने हैदराबाद निकाय चुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कही है. केटीआर ने कहा कि टीआरएस सभी 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और एमआईएम को उसके गढ़ में मात देगी. एमआईएम से अलग होने की टीआरएस के फैसले की बड़ी वजह बीजेपी के प्रभाव को माना जा रहा है. 

टीआरएस और MIM के रिश्तों में तनाव

बता दें कि हाल के कुछ दिनों में टीआरएस और एमआईएम के रिश्तों में तनाव देखने को मिला है. ओवैसी की पार्टी के विधायक मुमताज अली खान ने केटीआर को 'तोता' करार दिया था और उन्हें चेतावनी दी थी कि यदि उनकी पार्टी चाहेगी तो दो महीने के भीतर टीआरएस सरकार को सत्ता से हटा सकती है. 

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इस बीच, सीनियर और जूनियर ओवैसी दोनों हैदराबाद निकाय चुनाव में अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए जोरशोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. एमआईएम विधायक मुमताज अली के बाद जूनियर ओवैसी ने भी टीआरएस पर निशाना साधा था. एक जनसभा को संबोधित करते हुए एमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उनकी पार्टी ने हमेशा बीजेपी का विरोध किया लेकिन टीआरएस ने संसद के अंदर उनका समर्थन किया. अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, उन्होंने (टीआरएस) कभी हमारी बात नहीं सुनी, अब वे बीजेपी के बड़े विरोधी बनने की कोशिश कर रहे हैं.

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हैदराबाद निकाय चुनाव के लिए 1 दिसंबर को मतदान होना है. टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य के शहरी विकास और आईटी मंत्री केटीआर ने एक कार्यक्रम में कहा कि रोम एक दिन में नहीं बना था. उन्होंने कहा कि यह सब मायने रखता है कि हम समाज में फर्क करते हैं या नहीं. जब तक आप जोश के साथ काम नहीं करेंगे, तब तक आप डिलीवरी नहीं कर पाएंगे. यही मैं मानता हूं.

केटीआर ने दावा किया कि टीआरएस की सत्ता के दौरान तेलंगाना भारत का सबसे सफल स्टार्टअप राज्य बन गया है, ऐप्पल, गूगल, अमेज़़ॉन, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट जैसी शीर्ष पांच सबसे मूल्यवान कंपनियों को लाए. इन कंपनियों ने हैदराबाद को अपना दूसरा घर बना लिया है.

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केटीआर ने फिर से बीजेपी पर निशाना साधा और कहा भगवा पार्टी चुनाव में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही है जो को पाप है. शहर के विकास चक्र को रोकना मूर्खतापूर्ण है.

बीजेपी ने उतारी कद्दावर नेताओं की फौज

बीजेपी ने निकाय चुनाव में प्रचार के लिए पार्टी के कद्दावर नेताओं को उतारा है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली से बीजेपी सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर, साइना नेहवाल, कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने वाली खुशबू सुंदर और सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को चुनाव प्रचार में उतारा है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हैदराबाद निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत का भरोसा जताया. उन्होंने रविवार को कहा कि इन चुनावों के नतीजे भी दुब्बक विधानसभा उपचुनाव के नतीजों जैसे होंगे, जहां बीजेपी ने सत्तारूढ़ टीआरएस को हराया है. ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) में सत्तारूढ़ टीआरएस के खिलाफ 'आरोप पत्र' जारी करने के बाद जावड़ेकर ने कहा कि टीआरएस अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है.


 

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