scorecardresearch
 

हैदराबाद: पब में गोलीबारी के बाद कुख्यात अपराधी बत्तुला प्रभाकर गिरफ्तार

एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात को प्रिज्म पब में प्रभाकर को ट्रैक किया. जैसे ही अधिकारी उसके करीब पहुंचे, उसने बंदूक निकाली और दो राउंड फायर किए, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. हंगामे के बीच पुलिस ने उसे काबू में कर लिया और हिरासत में ले लिया.

Advertisement
X
हैदराबाद क्राइम
हैदराबाद क्राइम

हैदराबाद (Hyderabad) के गाचीबोवली शनिवार की रात पब में गोलीबारी हुई. प्रिज्म पब में हुई इस फायरिंग में कुख्यात चोर बत्तुला प्रभाकर को गिरफ्तार किया गया, जो करीब दो साल से फरार चल रहा था. घटना तब सामने आई जब साइबराबाद सीसीएस पुलिस ने उसे नाइट क्लब में ट्रैक किया, लेकिन इससे पहले कि वे उसे हिरासत में ले पाते, प्रभाकर ने गोलीबारी शुरू कर दी.

Advertisement

इस मुठभेड़ में कॉन्स्टेबल वेंकटराम रेड्डी के पैर में गोली लग गई, जबकि पब में मौजूद एक बाउंसर भी घायल हो गया. दोनों को अस्पताल ले जाया गया और उनका इलाज चल रहा है. अफरा-तफरी के बावजूद पुलिस ने प्रभाकर को कब्जे में ले लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. 

पहले से दर्ज हैं कई मामले

प्रभाकर (26) का आपराधिक रिकॉर्ड बहुत ही चौंकाने वाला है. उसके खिलाफ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 100 से ज्यादा चोरी और डकैती के मामले दर्ज हैं. वह पहली बार 2020 में पुलिस की गिरफ्त में आया था, जब उसे विशाखापट्टनम में गिरफ़्तार किया गया था, लेकिन उसके द्वारा किया गया सबसे कुख्यात अपराध मार्च 2022 में उसका फरार होना था. 

अनकापल्ले कोर्ट से विजाग सेंट्रल जेल ले जाते वक्त, प्रभाकर एक सामाजिक कल्याण छात्रावास के पास पुलिस हिरासत से भाग गया, जब उसकी हथकड़ी अस्थायी रूप से हटा दी गई. वह बिना किसी सुराग के गायब हो गया, जिसके बाद उसे तलाशने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. अरिलोवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया, लेकिन वह अंडरग्राउंड रहा और कथित तौर पर अपनी अपराध करता रहा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिका में सड़क दुर्घटना में हैदराबाद के युवक की दर्दनाक मौत, शोक में परिवार

एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात को प्रिज्म पब में प्रभाकर को ट्रैक किया. जैसे ही अधिकारी उसके करीब पहुंचे, उसने बंदूक निकाली और दो राउंड फायर किए, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. हंगामे के बीच पुलिस ने उसे काबू में कर लिया और हिरासत में ले लिया.

प्रभाकर की गिरफ्तारी से दो साल तक चली उसकी तलाश का अंत हो गया है, जिसके दौरान वह बार-बार कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचता रहा. उसके खिलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसलिए अब उसे उसके अपराधों के लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा.

Live TV

Advertisement
Advertisement