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तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 नवजात शिशुओं को गुजरात से रेस्क्यू किया. आरोपी ₹2-4 लाख में नवजात खरीदकर निःसंतान दंपतियों को बेचते थे. पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए सौदेबाजी करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).
AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन निःसंतान दंपत्ति भी शामिल हैं. इन्होंने अवैध रूप से नवजात शिशुओं को खरीदा था. पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान चार नवजात शिशुओं को गुजरात से रेस्क्यू किया.

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कैसे हुआ खुलासा?

सूचना के आधार पर तेलंगाना की राचकोंडा पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने संयुक्त अभियान चलाकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों के. कृष्णवेणी और बी. दीप्ति को पकड़ा, जो नवजात शिशुओं को खरीदकर उन्हें विभिन्न परिवारों को बेचने का काम कर रहे थे. पुलिस कमिश्नर जी. सुधीर बाबू के अनुसार, इन लोगों ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी वंदना से चार शिशुओं को खरीदा और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के तीन परिवारों को ऊंची कीमत पर बेच दिया.

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कैसे होता था शिशु तस्करी का यह गोरखधंधा?

जनवरी से फरवरी 2025 के बीच इस गिरोह ने दो लड़कों और दो लड़कियों (उम्र 1-2 महीने) की तस्करी की. नवजात शिशुओं को ₹2 लाख से ₹4.2 लाख में खरीदा गया और ₹2.5 लाख से ₹4.8 लाख तक बेचा गया. आरोपी सोशल मीडिया और एजेंटों के जरिए निःसंतान दंपतियों से संपर्क करते थे. इसके बाद उन्हें जन्म प्रमाणपत्र और गोद लेने से जुड़े नकली दस्तावेज देने का लालच दिया जाता था. इस रैकेट में एक असिस्टेंट प्रोफेसर भी शामिल था, जिसने एक नवजात बच्चा खरीदा था.

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ऐसे पकड़े गए आरोपी

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 6 बजे चैतन्यपुरी बस स्टॉप पर के. कृष्णवेणी को एक नवजात शिशु के साथ पकड़ा. जब पूछताछ की गई तो उसने नवजात की अवैध खरीद-फरोख्त की बात कबूल कर ली. इसके बाद पुलिस ने बी. दीप्ति के घर छापा मारा और वहां से तीन और शिशुओं को बरामद किया. आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गुजरात की वंदना से नवजात शिशु खरीदते थे और फिर सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहक तलाशते थे. वंदना ने इस गिरोह के लिए गुजरात से नवजात शिशु भेजने की व्यवस्था की थी.

पहले भी हो चुका है ऐसा बड़ा खुलासा

मई 2024 में भी राचकोंडा पुलिस ने एक बड़े शिशु तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 13 नवजात शिशुओं को बचाया गया था. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

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