हैदराबाद के सिकंदराबाद में गणेश प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सिकंदराबाद के यप्रल में हाई-टेंशन रोड पर यंग लियो यूथ एसोसिएशन ने आयोजित 11वें वार्षिक गणेश उत्सव में फिल्म बाजीराव मस्तानी की थीम चुनी. इसको लेकर लोगों ने दावा किया है कि यह 'मुस्लिम-गणपति' हैं.
दरअसल, फिल्म बाजीराव मस्तानी की थीम पर बनी गणेश प्रतिमा से गलतफहमी पैदा हुई है. समुदाय के कुछ सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक माना है. सोशल मीडिया पर इसे 'मुस्लिम-गणपति' जैसा दिखने का दावा किया जा रहा है, जबकि कुछ लोग इसे धर्मनिरपेक्षता की थीम बता रहे हैं. आयोजकों में से एक ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि वे फिल्म से प्रेरित थे, लेकिन फाइनल प्रेजेंटेशन उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई.
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किसी की भावनाओं को नहीं पहुंचाना चाहते ठेस
उन्होंने कहा, ऐसा नहीं था कि हमने बाजीराव मस्तानी थीम को स्पष्ट रूप से बढ़ावा दिया था, लेकिन जिस तरह से चीजें सामने आईं उसके कारण कुछ लोगों ने हमारे इरादों को गलत समझा है. हम यहां किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं हैं. आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि उनका ध्यान गणेश को भक्ति और सम्मान के साथ मनाने पर है.
प्रयासों को गलत न समझने का किया आग्रह
विवाद के बावजूद, एसोसिएशन ने उत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया है और लोगों से उनके प्रयासों को गलत न समझने का आग्रह किया है. आयोजकों ने कहा, हम बस गणपति बप्पा के साथ आगे बढ़ रहे हैं और हम कोई विवाद नहीं चाहते हैं. आउटपुट सही नहीं था, लेकिन हम इस पर बहुत अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं.