तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान रेवंत रेड्डी ने PM मोदी से राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे की जरूरतों से संबंधित कई अनुरोध किए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी से सिंगरेनी क्षेत्र के कोयला ब्लॉक सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) को आवंटित करने का अनुरोध किया है. उन्होंने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 11ए/17(ए)(2) के अनुसार श्रवणपल्ली कोयला ब्लॉक को नीलामी सूची से हटाने और कोयागुडेम तथा सत्तुपल्ली ब्लॉक 3 की खदानों को सिंगरेनी को आवंटित करने का अनुरोध किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि SCCL में तेलंगाना सरकार की 51% हिस्सेदारी है, जबकि केंद्र सरकार की 41% हिस्सेदारी है. रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के बिजली संयंत्रों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ये आवंटन जरूरी हैं.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि UPA सरकार ने 2010 में हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र (ITIR) को मंजूरी दी थी. उन्होंने हैदराबाद के लिए ITIR को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया. तेलंगाना सरकार ने नई IT कंपनियों और डेवलपर्स को बढ़ावा देने के लिए तीन क्लस्टरों में जमीन की पहचान की है.
हैदराबाद में IIM की स्थापना
सीएम ने कहा कि हर राज्य में एक IIM स्थापित करने की केंद्र सरकार की नीति के बावजूद, तेलंगाना को अभी तक IIM नहीं दिया गया है. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में IIM के लिए तत्काल मंजूरी का अनुरोध करते हुए कहा कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय कैंपस में जमीन उपलब्ध है.
तेलंगाना के लिए आवास आवंटन
रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि PMAY दिशानिर्देशों का पहले से पालन न करने के कारण तेलंगाना को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के पहले चरण के तहत कम घर मिले हैं. उन्होंने 2024-25 से शुरू होने वाले आगामी PMAY फेज में तेलंगाना को 25 लाख घरों के आवंटन का अनुरोध किया.
रक्षा भूमि का आवंटन
हैदराबाद में यातायात की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी से हैदराबाद-करीमनगर और हैदराबाद-नागपुर राजमार्गों (एनएच-44) पर एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के साथ-साथ शहर के भीतर सड़क विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए राज्य को 2,450 एकड़ रक्षा भूमि देने का अनुरोध किया.