उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय की जांच में कई खामियां सामने आई हैं. जांच करने आई टीम को महिला शौचालय में पुरुष मूत्रालय मिला. क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की टीम ने शौचालयों की जांच की तो इसका खुलासा हुआ. इन शौचालयों में टोंटियां गायब थीं और पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी.
(फोटो-पुष्पेंद्र सिंह)
इन शौचालयों का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत घिरोर में 36 लाख रुपये की लागत से मोहल्ला शाक्यान, नगला गुड़ी, नगला भूड़, बीज गोदाम, मोहल्ला फर्रास, हॉस्पिटल घिरोर में छह सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था. जांच अधिकारी संदीप सिन्हा ने टीम के साथ इन शौचालयों की जांच की. बीज गोदाम के पास बने शौचालय में एक तरफ महिला का बोर्ड चस्पा था. महिला शौचालय के अंदर पुरुष मूत्रालय बने हुए थे.
स्वच्छ भारत मिशन के तहत एसेसर संदीप सिन्हा ने बताया कि अब तक तीन शौचालयों का ही निरीक्षण किया गया है और तीनों ही शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है. जिसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. सबसे चौंकाने वाली बात जांच टीम को यह मिली कि एक महिला शौचालय में पुरुष मूत्रालय बना दिया गया. क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की टीम की जांच में ये खुलासा हुआ.
संदीप सिन्हा का कहना है कि अब तक तीन शौचालयों की जांच की गई है. इसमें लगभग सभी शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है. किसी के लिए इसका इस्तेमाल करना बेहद मुश्किल है. शौचालय को जियो टैग नहीं किया गया है, वहीं साइन बोर्ड भी नहीं है, शौचालयों के रखरखाव के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है. इसके अलावा सफाई रजिस्टर, शिकायत पेटिका, साफ सफाई की सामग्री, पौधारोपण, शौचालय विज्ञापन का बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था सुचारू नहीं है.