त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आगाज हो चुका है. प्रत्याशी वोट लेने के लिए लोकलुभावने वादे करते नहीं थक रहे हैं. लेकिन रामपुर के एक गांव के लोग इस बार मतदान नहीं करेंगे. गांव वालों ने मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. क्योंकि इस गांव में 375 वोट होने के बावजूद कोई पोलिंग बूथ नहीं है और निकटतम पोलिंग बूथ गांव से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर है. जहां पर बुजुर्गों और महिलाओं का पहुंचना मुश्किल है.
(फोटो- आमीर खान)
लोग पिछले कई सालों से रेहटगंज गांव के लोग मतदान करने के लिए बूथ बनाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन शासन और प्रशासन की कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है. थक हार कर इन लोगों ने इस वोट न डालने का फैसला किया है. गांव के सभी लोग ने एक सुर में पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया है और उन्होंने साथ ही यह भी नारा लगाया है, बूथ नहीं तो वोट नहीं. गांव वालों की मांग है कि मतदान केंद्र उनके गांव में बनाया जाए जिससे वो आसानी से अपने मत अधिकार का इस्तेमाल कर सकें.
गांव निवासी सुषमा शर्मा ने बताया कि गांव के लोगों को वोट डालने के लिए 7 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है प्रधानी के चुनाव के लिए लेकिन जब विधानसभा का चुनाव होता है तो हमारे पास में ही वोट पड़ते हैं. गांव की महिलाओं और बुजुर्गों को दूर जाने में काफी परेशानी होती है. हम यह चाहते हैं कि हमारे गांव का बूथ हमारे गांव में ही बने.
गांव निवासी सुषमा शर्मा ने बताया कि गांव के लोगों को वोट डालने के लिए 7 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. प्रधानी के चुनाव के लिए और जब विधानसभा का चुनाव होते हैं हमारे पास में ही वोट पड़ते हैं. गांव की महिलाओं और बुजुर्गों को दूर जाने में काफी परेशानी होती है. हम यह चाहते हैं कि हमारे गांव का बूथ हमारे गांव में ही बने.
जब इस समस्या के बारे में अपर जिलाधिकारी जेपी गुप्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि आज एक बात सामने आई है. हमारा जो 127 नंबर का केंद्र है, लालपुर पट्टी जिसमें हमारे दो बूथ है 296 नंबर 297 नंबर उसका सिर्फ पार्ट है. इस समस्या को लेकर उप जिलाधिकारी को बता दिया है. वो इस समस्या को लेकर गांव के लोगों के बात करेंगे.